फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   केदारनाथ की कविताओं में दिखती हैं जीवन की क्रियाएं

केदारनाथ की कविताओं में दिखती हैं जीवन की क्रियाएं

Sun, 28 Oct 2018 02:17 AM IST
Updated Sun, 28 Oct 2018 02:17 AM IST
विज्ञापन
केदारनाथ की कविताओं में दिखती हैं जीवन की क्रियाएं
वाराणसी। बीएचयू के भोजपुरी अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने कवि केदारनाथ की जीवनी, उनकी कविताओं पर विस्तृत चर्चा की। शनिवार को समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कथाकार अखिलेश ने कहा कि केदारनाथ की कविताओं में जीवन की क्रियाएं दिखाई देती हैं। उन्होंने बहुत छोटी-छोटी चीजों पर कविताएं लिखी।
विज्ञापन

बनारस, भोजपुरी और केदारनाथ सिंह विषयक संगोष्ठी में अखिलेश ने धूमिल आदि कवियों का संदर्भ देते हुए कहा कि जहां उनके निकटतम पूर्ववर्ती कवि घोषणाओं/ नारों की कविताएं लिख रहे थे, वहीं केदार ने क्रियाओं को अधिक महत्व दिया। अध्यक्षता करते हुए कवि ज्ञानेंद्र पति ने कहा कि केदार जी के यहां नागर आधुनिकता व ग्रामोत्तर जातीय चेतना के बीच एक तनाव मिलता है। अप्रत्याशित चीजों के सह संबंध से उनकी कविताएं बनती हैं। प्रो. सुरेंद्र प्रताप ने केदारनाथ को नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बताया। अतिथियों का स्वागत करते समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल, संचालन डॉ. शिल्पा सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. चंपा सिंह ने किया। स्वागत प्रो . श्रीप्रकाश शुक्ल ने, संचालन डॉ शिल्पा सिंह ने व धन्यवाद ज्ञापन प्रो चम्पा सिंह ने किया। इसके पहले आज दिन में तीन सत्र हुए। इसके पहले अलग-अलग सत्रों में बलिराज पांडेय, सदानंद साही, बलभद्र, नलिन रंजन सिंह, कर्मानंद आर्य, वशिष्ठ अनूप, अमिताभ राय, कमलेश वर्मा आदि ने केदार जी के बारे में अपने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed