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खुलेआम चल रहा अवैध शराब का कारोबार
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:52 AM IST
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ज्ञानपुर। मखमली कालीनों के लिए विख्यात कालीन नगरी में अवैध शराब का कारोबार भी जोरों पर चल रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस के तालमेल से जिले के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब बनाकर तस्करी की जा रही है। सुरियावां तो अति संवेदनशील की श्रेणी में आ गया है। यहां दो दिन पहले चार माह में तीसरी बार भारी मात्रा में शराब बरामद की गई थी।
ग्रामीण अंचल में अवैध शराब बनाने और बेचने का धंधा जोरों पर चल रहा है, जो कभी-कभी जानलेवा बन जाता है। सुरियावां में यह कारोबार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जौनपुर, इलाहाबाद जिले से घिरा होने से तस्कर खिसक लेते हैं। चार माह में तीसरी बार मंगलवार को वहां स्वाट और पुलिस टीम ने छापेमारी कर अवैध शराब बरामद की थी। इसके पूर्व अप्रैल और मार्च में भी वहां अवैध शराब का जखीरा और फैक्ट्री भी बरामद हुई थी। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह खेल सालों से चला आ रहा है। जब कहीं जहरीली शराब से मौत की घटना होती है तो छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए टीम गठित है। समय-समय पर छापेमारी की जाती है।
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ग्रामीण अंचल में अवैध शराब बनाने और बेचने का धंधा जोरों पर चल रहा है, जो कभी-कभी जानलेवा बन जाता है। सुरियावां में यह कारोबार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जौनपुर, इलाहाबाद जिले से घिरा होने से तस्कर खिसक लेते हैं। चार माह में तीसरी बार मंगलवार को वहां स्वाट और पुलिस टीम ने छापेमारी कर अवैध शराब बरामद की थी। इसके पूर्व अप्रैल और मार्च में भी वहां अवैध शराब का जखीरा और फैक्ट्री भी बरामद हुई थी। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह खेल सालों से चला आ रहा है। जब कहीं जहरीली शराब से मौत की घटना होती है तो छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए टीम गठित है। समय-समय पर छापेमारी की जाती है।
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