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बस्तियों में चल रहे ईंट-भठ्ठे बना रहे बीमार
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:21 AM IST
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ज्ञानपुर। खनन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मिलीभगत से जिले में अधिकतर ईंट-भठ्ठे नियमों को दरकिनार कर चलाए जा रहे हैं। रोक के बाद भी बस्तियों में भठ्ठे धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिसके प्रदूषण से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। भट्ठों से निकल वाले धुएं की चपेट में आकर लोग दमा और टीबी जैसी घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
जिले में पांच सौ से अधिक ईंट भठ्ठे संचालित हैं। इनमें से अधिकतर भठ्टे नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहे हैें। नियमों के मुताबिक बस्ती यानी आबादी क्षेत्र में ईंट भठ्ठे संचालित नहीं हो सकते। बस्ती के पांच सौ किलोमीटर दूर ईंट भठ्ठे संचालित किए जा सकते हैं। इस नियम के बाद भी घनी बस्तियों में ईंट भठ्ठे धड़ल्ले से चल रहे हैं। ज्ञानपुर विकास खंड के सरई राजपुतानी, सरई मिश्रानी, चककलूटी और औराई विकास खंड के गोपपुर समेत अन्य गांवों में बस्ती के बीच में ईंट भठ्ठा वर्षों से संचालित हैं। भठ्ठे के धुंए से प्रदूषण फैल रहा है। जो लोगों के सेहत पर विपरित प्रभाव डाल रहा है। प्रदूषण के चलते लोग दमा जैसे घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। साथ ही प्रदूषण का असर फलदार वृक्षों पर भी पड़ रहा है। जिले के अधिकतर ईंट भठ्ठे प्रदूषण विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही संचालित हैं। यही नहीं ये भठ्ठे अवैध मिट्टी खनन भी कर रहे हैें। बिना अनुमति लिए जेसीबी से मिट्टी का खनन कर रहे हैं। पुलिस की मिलीभगत से दिन में कम रात में अधिक अवैध खनन हो रहा है। निजी जमीनों के अलावा सरकारी जमीनों का भी खनन किया जा रहा है। ग्राम समाज, तालाब की जमीन पर अवैध खनन किया जा रहा है। यहीं नहीं राजकीय नलकूप की नाली और चकरोड भी सुरक्षित नहीं हैं। नाली और चकरोड की जमीन पर अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। खनन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ कड़े रुख के बाद भी ईंट भठ्ठे जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। इसको लेकर जहां खनन विभाग मौन है, वहीं प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी सुविधा शुल्क लेकर शांत हो जा रहा है।
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जिले में पांच सौ से अधिक ईंट भठ्ठे संचालित हैं। इनमें से अधिकतर भठ्टे नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहे हैें। नियमों के मुताबिक बस्ती यानी आबादी क्षेत्र में ईंट भठ्ठे संचालित नहीं हो सकते। बस्ती के पांच सौ किलोमीटर दूर ईंट भठ्ठे संचालित किए जा सकते हैं। इस नियम के बाद भी घनी बस्तियों में ईंट भठ्ठे धड़ल्ले से चल रहे हैं। ज्ञानपुर विकास खंड के सरई राजपुतानी, सरई मिश्रानी, चककलूटी और औराई विकास खंड के गोपपुर समेत अन्य गांवों में बस्ती के बीच में ईंट भठ्ठा वर्षों से संचालित हैं। भठ्ठे के धुंए से प्रदूषण फैल रहा है। जो लोगों के सेहत पर विपरित प्रभाव डाल रहा है। प्रदूषण के चलते लोग दमा जैसे घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। साथ ही प्रदूषण का असर फलदार वृक्षों पर भी पड़ रहा है। जिले के अधिकतर ईंट भठ्ठे प्रदूषण विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही संचालित हैं। यही नहीं ये भठ्ठे अवैध मिट्टी खनन भी कर रहे हैें। बिना अनुमति लिए जेसीबी से मिट्टी का खनन कर रहे हैं। पुलिस की मिलीभगत से दिन में कम रात में अधिक अवैध खनन हो रहा है। निजी जमीनों के अलावा सरकारी जमीनों का भी खनन किया जा रहा है। ग्राम समाज, तालाब की जमीन पर अवैध खनन किया जा रहा है। यहीं नहीं राजकीय नलकूप की नाली और चकरोड भी सुरक्षित नहीं हैं। नाली और चकरोड की जमीन पर अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। खनन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ कड़े रुख के बाद भी ईंट भठ्ठे जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। इसको लेकर जहां खनन विभाग मौन है, वहीं प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी सुविधा शुल्क लेकर शांत हो जा रहा है।
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