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कोटा हुआ निरस्त
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:21 AM IST
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ज्ञानपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रहीं हैं। नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। फिर भी कोटेदार वितरण व्यवस्था को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। फिर भी कोटेदार सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को डीघ विकास खंड के भमौरी गांव की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को निलंबित कर दिया गया। गांव के उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वितरण में अनियमितता और लापरवाही करने का कोटेदार रश्मि तिवारी पर आरोप लगाया था। डीएम के आरोप पर कोटेदार की जांच कराई गई। आरोप सही मिलने पर डीएम विशाख जी के आदेश पर एसडीएम ज्ञानपुर आशीष कुमार ने कोटे को निलंबित कर दिया। गौरतलब है कि वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। नगरों में आधार से जोड़ने का काम पूरा हो गया है। गांवों में आधार से जोड़ने का काम जारी है। आधार से जुड़ने के बाद नगरों में बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं को खाद्यान्न और केरोसिन दिया जा रहा है। साथ ही पर्यवेक्षकों की निगरानी में राशन का वितरण कराया जा रहा है। फिर भी कोटेदार वितरण में धांधली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। आएदिन कोटेदारों की शिकायतें मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी की दरबार में पहुंच रही है। कोटे निलंबित से लेकर निरस्त तक हो रहे हैं। फिर भी कोटेदार सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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