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...या हुसैन की सदाओं से फिजा हुई गमगीन
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। इमाम हुसैन और शहीदाने करबला का 1379वां चेहल्लुम शुक्रवार को अकीदत के साथ मनाया गया। हजारों अकीदतमंदों संग शहर भर की तीस अंजुमनों की नौहेख्वानी और मातम से मंजर गमगीन हो गया। आंसुओं के साथ जंजीर और कमा का मातम कर अकीदतमंदों ने शहीदों को पूरे शान से खिराजे अकीदत पेश की। मजलिस, मातम और जुलूस का सिलसिला जो सुबह से शुरू हुआ तो देर रात तक जारी रहा।
शुक्रवार को चेहल्लुम पर काली महल से दो जुलूस, मातमी अंजुमन जव्वादिया रजिस्टर्ड के जेरे इंतजाम उठाया गया जो फातमान पहुंचकर खत्म हुआ। अंजुमन हैदरी चौक की ओर से अलम, दुलदुल और ताबूत का जुलूस पत्थरगली से उठकर अपने कदीम रास्तों से होता हुआ फातमान पहुंचा। इसमें छोटे-छोटे बच्चे ‘...लब्बैक ...या हुसैन’ की सदाएं बुलंद कर रहे थे। ऐसे ही छत्तातले से कदीमी ताजिये का जुलूस उठाया गया जो देर रात फातमान पहुंचकर खत्म हुआ।
चेहल्लुम पर अर्दली बाजार का नजारा कुछ अलग ही था। यहां हजारों की तादाद में अंजुमन इमामिया के जेरे इंतजाम आमारी, अलम, दुलदुल और ताबूतका शानदार जुलूस उल्फत बीबी हाता स्थित मरहूम मास्टर जहीर के इमामबाड़े से उठाया गया। दस से अधिक अंजुमनों ने नौहा और मातम किया। अर्दली बाजार चौराहे पर शानदार तकरीर पेश करते हुए मौलाना हैदर अब्बास और मौलाना बाकर रजा बलियावी ने इमाम को बेहतरीन तरीके से खिराजे अकीदत पेश किया। इस मौके पर हिंदु भाइयों ने भी शिरकत की। चेहल्लुम पर जुलूस की जियारत करने के लिए ख्वातीन भी काफी तादाद में मौजूद थीं। संचालन जफर अब्बास और शुक्रिया इरशाद हुसैन सद्दू ने अदा किया।
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ऐसे ही शिवपुर में अंजुमन पंजतनी की ओर से, तेलियानाला मुकीमगंज में अंजुमन नसीरुल मोमीनीन की ओर से आमारी, दुलदुल, ताबूत का जुलूस उठाया गया जो कि सदर इमामबाड़े लाट सरैया पहुंचकर खत्म हुआ। चौहट्टा लाल खां पर अंजुमन आबिदिया ने ताबूत उठाकर इमाम का पुरसा दिया। ऐसे ही शिवाला स्थित दाऊद बख्त के मकान से सुबह और शाम को जुलूस अंजुमन गुलजारे अब्बासिया और निशाने अली के जेरे इंतजाम उठाया गया जो कि शिवाला घाट पहुंचकर खत्म हुआ। मजलिसों में मौलाना अकील हुसैनी, मौलाना इकबाल हैदर, डॉ. शफीक हैदर, मौलाना आबिद रजा, मौलाना अमीन हैदर, सैयद फरमान हैदर ने तकरीर पेश की। उधर रामनगर में अंजुमन अब्बासिया और अंजुमन मुहाफिजे अजा की ओर से अलम, दुलदुल, ताबूत का जुलूस उठा जो टेंगरा मोड़ स्थित इमामबाड़े पर पहुंचकर खत्म हुआ। ख्वातीन ने भी असीराने करबला का मातम कर खिराजे अकीदत पेश की।
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शुक्रवार को चेहल्लुम पर काली महल से दो जुलूस, मातमी अंजुमन जव्वादिया रजिस्टर्ड के जेरे इंतजाम उठाया गया जो फातमान पहुंचकर खत्म हुआ। अंजुमन हैदरी चौक की ओर से अलम, दुलदुल और ताबूत का जुलूस पत्थरगली से उठकर अपने कदीम रास्तों से होता हुआ फातमान पहुंचा। इसमें छोटे-छोटे बच्चे ‘...लब्बैक ...या हुसैन’ की सदाएं बुलंद कर रहे थे। ऐसे ही छत्तातले से कदीमी ताजिये का जुलूस उठाया गया जो देर रात फातमान पहुंचकर खत्म हुआ।
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चेहल्लुम पर अर्दली बाजार का नजारा कुछ अलग ही था। यहां हजारों की तादाद में अंजुमन इमामिया के जेरे इंतजाम आमारी, अलम, दुलदुल और ताबूतका शानदार जुलूस उल्फत बीबी हाता स्थित मरहूम मास्टर जहीर के इमामबाड़े से उठाया गया। दस से अधिक अंजुमनों ने नौहा और मातम किया। अर्दली बाजार चौराहे पर शानदार तकरीर पेश करते हुए मौलाना हैदर अब्बास और मौलाना बाकर रजा बलियावी ने इमाम को बेहतरीन तरीके से खिराजे अकीदत पेश किया। इस मौके पर हिंदु भाइयों ने भी शिरकत की। चेहल्लुम पर जुलूस की जियारत करने के लिए ख्वातीन भी काफी तादाद में मौजूद थीं। संचालन जफर अब्बास और शुक्रिया इरशाद हुसैन सद्दू ने अदा किया।
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ऐसे ही शिवपुर में अंजुमन पंजतनी की ओर से, तेलियानाला मुकीमगंज में अंजुमन नसीरुल मोमीनीन की ओर से आमारी, दुलदुल, ताबूत का जुलूस उठाया गया जो कि सदर इमामबाड़े लाट सरैया पहुंचकर खत्म हुआ। चौहट्टा लाल खां पर अंजुमन आबिदिया ने ताबूत उठाकर इमाम का पुरसा दिया। ऐसे ही शिवाला स्थित दाऊद बख्त के मकान से सुबह और शाम को जुलूस अंजुमन गुलजारे अब्बासिया और निशाने अली के जेरे इंतजाम उठाया गया जो कि शिवाला घाट पहुंचकर खत्म हुआ। मजलिसों में मौलाना अकील हुसैनी, मौलाना इकबाल हैदर, डॉ. शफीक हैदर, मौलाना आबिद रजा, मौलाना अमीन हैदर, सैयद फरमान हैदर ने तकरीर पेश की। उधर रामनगर में अंजुमन अब्बासिया और अंजुमन मुहाफिजे अजा की ओर से अलम, दुलदुल, ताबूत का जुलूस उठा जो टेंगरा मोड़ स्थित इमामबाड़े पर पहुंचकर खत्म हुआ। ख्वातीन ने भी असीराने करबला का मातम कर खिराजे अकीदत पेश की।