{"_id":"5caa58dfbdec2276d05c14f3","slug":"121554667743-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी विश्वनाथ धाम के लिए 108 करोड़ रुपये जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विश्वनाथ धाम के लिए 108 करोड़ रुपये जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम की डीपीआर तैयार होने की कवायद के बीच शासन ने 108 करोड़ रुपये जारी किए हैं। धनराशि मिलने के बाद मंदिर परिसर में जमीन समतलीकरण के साथ खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही पहले और तीसरे चरण के काम की तैयारी शुरू की जा रही है।
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट और मीर घाट से मंदिर तक करीब 39,310 वर्ग मीटर में बनने वाले काशी विश्वनाथ धाम के लिए दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। आठ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमिपूजन के बाद चार करोड़ रुपये की पहली किश्त दी गई थी। जमीन समतलीकरण से लेकर अन्य कार्यों के लिए 108 करोड़ रुपये मिलने के बाद काम तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों की मानें तो डीपीआर तैयार होने के बाद पहले और तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल काशी विश्वनाथ धाम के लिए खाली कराई जमीन से मिट्टी निकाली जा रही है और उसे काशी विश्वनाथ मंदिर के समतल किया जा रहा है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की दूसरी किश्त 108 करोड़ रुपये की स्वीकृति मार्च में हो गई थी। धनराशि मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम तेज कर दिया है। शासन से डीपीआर की संस्तुति के बाद प्रथम और तीसरे चरण का काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
पहले और तीसरे चरण में यह होंगे काम
पहले चरण में मंदिर के आसपास और तीसरे चरण में गंगा घाट क्षेत्र विकसित किया जाना है। इसके बाद मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुुओं की सुविधा के लिए विकास कार्य होंगे। गलियारे और मंदिर चौक का निर्माण किया जाएगा, जिसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यवसायिक केंद्र, पुलिस-प्रशासनिक भवन, वृद्ध व दिव्यांगों के लिए स्केलेटर, मोक्ष भवन सहित अन्य कार्य होंगे। तीसरे चरण में गंगा के किनारे नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट का हिस्सा विकसित किया जाएगा।
भवनों की खरीद में खर्च हुए 300 करोड़
काशी विश्वनाथ धाम के लिए 296 भवन खरीदे जाने हैं। 200 से ज्यादा भवनों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है, इसके लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। अन्य भवनों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट और मीर घाट से मंदिर तक करीब 39,310 वर्ग मीटर में बनने वाले काशी विश्वनाथ धाम के लिए दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। आठ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमिपूजन के बाद चार करोड़ रुपये की पहली किश्त दी गई थी। जमीन समतलीकरण से लेकर अन्य कार्यों के लिए 108 करोड़ रुपये मिलने के बाद काम तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों की मानें तो डीपीआर तैयार होने के बाद पहले और तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल काशी विश्वनाथ धाम के लिए खाली कराई जमीन से मिट्टी निकाली जा रही है और उसे काशी विश्वनाथ मंदिर के समतल किया जा रहा है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की दूसरी किश्त 108 करोड़ रुपये की स्वीकृति मार्च में हो गई थी। धनराशि मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम तेज कर दिया है। शासन से डीपीआर की संस्तुति के बाद प्रथम और तीसरे चरण का काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
पहले और तीसरे चरण में यह होंगे काम
पहले चरण में मंदिर के आसपास और तीसरे चरण में गंगा घाट क्षेत्र विकसित किया जाना है। इसके बाद मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुुओं की सुविधा के लिए विकास कार्य होंगे। गलियारे और मंदिर चौक का निर्माण किया जाएगा, जिसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यवसायिक केंद्र, पुलिस-प्रशासनिक भवन, वृद्ध व दिव्यांगों के लिए स्केलेटर, मोक्ष भवन सहित अन्य कार्य होंगे। तीसरे चरण में गंगा के किनारे नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट का हिस्सा विकसित किया जाएगा।
भवनों की खरीद में खर्च हुए 300 करोड़
काशी विश्वनाथ धाम के लिए 296 भवन खरीदे जाने हैं। 200 से ज्यादा भवनों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है, इसके लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। अन्य भवनों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग की गई है।