{"_id":"5bc25315bdec2269ab39fe38","slug":"121539461909-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनेसरा तालाब प्रकरण में अधिकारियों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनेसरा तालाब प्रकरण में अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। नगर विकास विभाग के राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने शनिवार को रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में जनसुवाई की। लाटभैरव रामलीला के संयोजक बृजेंद्र यादव ने कहा कि मंत्री जी आपने पिछले महीने नगर आयुक्त को तालाब को अतिक्रमण मुक्त करवाने का आदेश दिया था। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारी संजीदा नहीं हुए। जिसके कारण रामलीला के पात्र बीमार पड़ जा रहे हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने कहा कि धनेसरा तालाब के पूरे प्रकरण की जांच करवाकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामेश्वर खेवली के विवेक सिंह ने बताया कि गांव के लोग रास्ता जबरन बंद कर रहे हैं। दो बार से शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। प्रतापगढ़ के देवसरा के रहने वाले मिठाई लाल गुप्ता ने बताया कि गांव में गरीबों का आवास पक्के मकान वालों को दे दिया गया है। जिसको लेकर तीसरी बार शिकायत की गई। गंगापुर के लालजी पांडेय ने बताया कि झारखंड पुलिस से सेवानिवृत्त होने के 19 साल बाद भी पूरी पेंशन नहीं मिल रही है। इसके लिए कई पत्र मंत्रियों को दे चुके हैं। रोहनिया के नरऊर गांव में आश्रम बनाकर रहने वाले स्वामी गोविंदा दास ने कहा कि मार्ग पर खड़ंजा बिछाने के लिए तीन महीने पहले पत्र दिया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
रामेश्वर खेवली के विवेक सिंह ने बताया कि गांव के लोग रास्ता जबरन बंद कर रहे हैं। दो बार से शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। प्रतापगढ़ के देवसरा के रहने वाले मिठाई लाल गुप्ता ने बताया कि गांव में गरीबों का आवास पक्के मकान वालों को दे दिया गया है। जिसको लेकर तीसरी बार शिकायत की गई। गंगापुर के लालजी पांडेय ने बताया कि झारखंड पुलिस से सेवानिवृत्त होने के 19 साल बाद भी पूरी पेंशन नहीं मिल रही है। इसके लिए कई पत्र मंत्रियों को दे चुके हैं। रोहनिया के नरऊर गांव में आश्रम बनाकर रहने वाले स्वामी गोविंदा दास ने कहा कि मार्ग पर खड़ंजा बिछाने के लिए तीन महीने पहले पत्र दिया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन