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बनारस हादसे में असिस्टेंट मैनेजर की मौत से बैंक के कर्मचारी स्तब्ध
Updated Thu, 17 May 2018 01:12 AM IST
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औराई। एक महीने पहले ही पदोन्नत होकर मैनेजर बने राम बहादुर सिंह को क्या पता था कि बेटे को कोटा की ट्रेन पकड़ाने के लिए कैंट स्टेशन तक का सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। पदोन्नति के बाद भी औराई स्थित सिंडिकेट बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर रहे सिंह को जल्द ही दूसरी शाखा में मैनेजर के पद पर तैनात किया जाना था। मंगलवार की शाम वाराणसी में ओवरब्रिज हादसा उनकी जिंदगी की आखिरी शाम बन गई। हादसे में असिस्टेंट मैनेजर के परिवार समेत हताहत होने की खबर मिलने पर बुधवार को बैंक के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
बैंक कर्मियों ने बताया कि एक माह पहले मैनेजर पद पर राम बहादुर का प्रमोशन हुआ था। मंगलवार को वह अपने इकलौते बेटे को कोटा भेजने के लिए कैंट स्टेशन छोड़ने जा रहे थे कि रास्ते में हादसा हो गया। असिस्टेंट मैनेजर की मौत की खबर से बुधवार को बैंक में सन्नाटा पसरा रहा। बैंक खुला था, लेकिन कर्मचारी और अधिकारी गमगीन थे। लेन-देन का काम भी नहीं हुआ। बैंक कर्मियों ने बताया कि 2016 में औराई में बैंक की शाखा खुलने से लेकर अब तक राम बहादुर यहीं पर तैनात थे। अपने अच्छे व्यवहार की वजह से वह सबके प्रिय थे।
राम बहादुर सिंह मूल रूप से बिहार के छपरा के रहने वाले थे। उनकी एक लड़की है, जो रूस में पढ़ाई करती है। इकलौता बेटा राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था। वह पत्नी कुमकुम सिंह के साथ वाराणसी के डीएलडब्ल्यू इलाके में रहते थे। मंगलवार की दोपहर इकलौते बेटे कुमार वैभव को कैंट रेलवे स्टेशन छोडने पत्नी के साथ अपनी कार से जा रहे थे। स्टेशन के पहले जाम में फंसने से गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इसी बीच पुल का बीम अचानक गिरा और उनकी गाड़ी उसी में दब गई। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पत्नी कुमकुम पीछे वाली सीट पर बैठी थीं, जिससे वह घायल हो गईं। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने के बाद अब रूस से बेटी के लौटने का इंतजार हो रहा है।
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बैंक कर्मियों ने बताया कि एक माह पहले मैनेजर पद पर राम बहादुर का प्रमोशन हुआ था। मंगलवार को वह अपने इकलौते बेटे को कोटा भेजने के लिए कैंट स्टेशन छोड़ने जा रहे थे कि रास्ते में हादसा हो गया। असिस्टेंट मैनेजर की मौत की खबर से बुधवार को बैंक में सन्नाटा पसरा रहा। बैंक खुला था, लेकिन कर्मचारी और अधिकारी गमगीन थे। लेन-देन का काम भी नहीं हुआ। बैंक कर्मियों ने बताया कि 2016 में औराई में बैंक की शाखा खुलने से लेकर अब तक राम बहादुर यहीं पर तैनात थे। अपने अच्छे व्यवहार की वजह से वह सबके प्रिय थे।
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राम बहादुर सिंह मूल रूप से बिहार के छपरा के रहने वाले थे। उनकी एक लड़की है, जो रूस में पढ़ाई करती है। इकलौता बेटा राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था। वह पत्नी कुमकुम सिंह के साथ वाराणसी के डीएलडब्ल्यू इलाके में रहते थे। मंगलवार की दोपहर इकलौते बेटे कुमार वैभव को कैंट रेलवे स्टेशन छोडने पत्नी के साथ अपनी कार से जा रहे थे। स्टेशन के पहले जाम में फंसने से गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इसी बीच पुल का बीम अचानक गिरा और उनकी गाड़ी उसी में दब गई। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पत्नी कुमकुम पीछे वाली सीट पर बैठी थीं, जिससे वह घायल हो गईं। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने के बाद अब रूस से बेटी के लौटने का इंतजार हो रहा है।
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