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भाजपा की अब चाय पर चर्चा संग चौपाल
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी-संगठन की गतिविधियों और जनसंपर्क को बढ़ावा देने के साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए भाजपा अब ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ का आयोजन करेगी। इसके लिए विधानसभावार रणनीति बनाई गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए यह मुहिम शुरू की जा रही है। हालांकि पार्टी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचे और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आए, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं में इस कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाया जाएगा। विधानसभावार पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। ये पदाधिकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधान से समन्वय कर ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ की तारीख तय करेंगे। पार्टी और सरकार की रीति-नीति ग्रामीणों को बताएंगे। जनसमस्याएं सुनेंगे और उनका निराकरण क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कराएंगे। ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ का कार्यक्रम मई तक चलेगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी-संगठन की गतिविधियों और जनसंपर्क को बढ़ावा देने के साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए भाजपा अब ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ का आयोजन करेगी। इसके लिए विधानसभावार रणनीति बनाई गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए यह मुहिम शुरू की जा रही है। हालांकि पार्टी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचे और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आए, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं में इस कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाया जाएगा। विधानसभावार पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। ये पदाधिकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधान से समन्वय कर ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ की तारीख तय करेंगे। पार्टी और सरकार की रीति-नीति ग्रामीणों को बताएंगे। जनसमस्याएं सुनेंगे और उनका निराकरण क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कराएंगे। ‘चाय पर चर्चा संग चौपाल’ का कार्यक्रम मई तक चलेगा।
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