वाराणसी: पीपीपी मॉडल पर होगा काशी विश्वनाथ धाम में 12 भवनों का संचालन, सुरक्षा पर खर्च होंगे 5.47 करोड़
श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की पांचवीं बैठक हुई। मंदिर से जुड़ी सभी धार्मिक गतिविधियों की जिम्मेदारी मंदिर न्यास के कंधों पर होगी।
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वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है। धाम के 12 भवनों के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर से जुड़ी सभी धार्मिक गतिविधियों की जिम्मेदारी मंदिर न्यास के कंधों पर होगी। इसके अलावा धाम की अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद संभालेगा। काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व उपकरणों पर 5.47 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया।
शनिवार को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के बोर्ड की पांचवीं बैठक में धार्मिक अनुष्ठान, भवनों के संचालन, बजट और धाम के बढ़ाए जाने वाले दायरे पर विचार विमर्श किया गया। बोर्ड के प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा और वहां से अनुमति मिलने के बाद विकास परिषद इसको धरातल पर उतारेगा।
बैठक के दौरान धाम के 24 में से 12 भवनों के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल के प्रस्ताव पर सहमति बनी। इसके अलावा 40 करोड़ के संशोधित बजट को भी बोर्ड की बैठक में रखा गया। मंदिर क्षेत्र के 25 सौ वर्गमीटर क्षेत्र के विस्तार के बारे में भी प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में धाम के संचालन के लिए सलाहकार नियुक्ति, संशोधित बजट और भवनों की व्यवस्था पर विचार हुआ।
इसके लिए भवनों के अधिग्रहण और उस पर होने वाले निर्माण व खर्च पर विचार विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि बोर्ड के प्रस्ताव को शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलते ही इस दिशा में कार्य आरंभ हो जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी, वीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी शमिल रहे।
ये रहे प्रस्ताव
- श्री काशी विश्वनाथ सुंदरीकरण विस्तारीकरण परियोजना का स्वीकृत डीपीआर के क्रम में लेआउट पास करना।
- परियोजना में फर्नीचर हेतु 9.09 करोड़ आगणन को स्वीकृति
- परियोजना अंतर्गत सुरक्षा उपकरणों के 5.47 करोड़ के आगणन को स्वीकृति
- परियोजना हेतु विद्युत संयोजन 4.70करोड़ के आगणन को स्वीकृति
- परियोजना क्षेत्र में अतिरिक्त सृजित भूमि का सुंदरीकरण तथा बाउंड्री वाल का निर्माण कराए जाने की सैद्धांतिक सहमति।
- योजना अंतर्गत अर्जित परिसंपत्तियों का अभिलेखीकरण कराया जाना
- वर्ष 21-22 का बजट पूर्व अवशेष को लेते हुए 42.09 करोड़ की स्वीकृति।
- परियोजना के संचालन के लिए ट्रांजैक्शनल एडवाइजर रखे जाने पर विचार
- परियोजना में संभावित व्यय आकलन हेतु परिषद, न्यास व जिला प्रशासन की संयुक्त समिति गठित करने पर विचार।
इन भवनों के संचालन की है योजना
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में गेस्ट हाउस, तीन यात्री सुविधा केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, स्टॉल, पुजारियों के रहने के लिए आवास, आश्रम, वैदिक केंद्र, सिटी म्यूजियम, मुमुक्षु भवन, वाराणसी गैलरी का संचालन पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल पर कंपनी का चयन होगा। कंपनी आय के स्रोत विकसित कर बजट तैयार करेगी। इसी बजट में से कॉरिडोर की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, संचालन व देखभाल पर खर्च किया जाएगा।