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मन के अंधकार को मिटाए बगैर कल्याण संभव नहीं
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वाराणसी। शिवपुर रामलीला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। पहले दिन कथा वाचक डॉ. उमा शंकर त्रिपाठी ने कथा की शुरुआत भजन और भागवत आरती के साथ की। उन्होंने भगवान कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को बताया। डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी ने कहा की मन के अंधकार को मिटाए बगैर जीवन का कल्याण नहीं हो सकता। मां-बाप के लिए अपने बच्चे से कीमती कुछ नहीं होता। आप कितने भी बड़े हो जाओ मां-बाप के लिए बडे़ नहीं होंगे।
शोषण करने वाले बहुत मिलेंगे लेकिन पोषण करेंगे तुम्हारे मां बाप ही है। जहां भी जाओगे खाने वाले ही मिलेंगे लेकिन खिलाएंगे तुम्हे तुम्हारे मां-बाप और गुरु ही। उन्होंने बताया कि एक बार सनकादिक ऋषि और सूत महाराज विराजमान थे तब उन्होंने पूछा कि कलियुग के लोगों का कल्याण कैसे होगा। आप देखिये किसी भी पुराण में किसी और युग के लोगों की चिंता नहीं की पर कलयुग के लोगों के कल्याण की चिंता हर पुराण और वेद में की गई। श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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शोषण करने वाले बहुत मिलेंगे लेकिन पोषण करेंगे तुम्हारे मां बाप ही है। जहां भी जाओगे खाने वाले ही मिलेंगे लेकिन खिलाएंगे तुम्हे तुम्हारे मां-बाप और गुरु ही। उन्होंने बताया कि एक बार सनकादिक ऋषि और सूत महाराज विराजमान थे तब उन्होंने पूछा कि कलियुग के लोगों का कल्याण कैसे होगा। आप देखिये किसी भी पुराण में किसी और युग के लोगों की चिंता नहीं की पर कलयुग के लोगों के कल्याण की चिंता हर पुराण और वेद में की गई। श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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