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13 का पहाड़ा नहीं सुना सके 7वीं के बच्चे
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:36 AM IST
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ज्ञानपुर। डीएम के औचक निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की असलियत सामने आ गई। गर्मी के अवकाश के बाद स्कूल खुलने के तीन दिन बाद भी बच्चों की बेहद कम उपस्थिति और पढ़ाई-लिखाई का स्तर खराब होने पर डीएम भड़क गए। उन्होंने शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही बेहतर माहौल बना कर बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने और परिसर की साफ-सफाई पर ध्यान देने की हिदायत दी।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद बुधवार को सुबह प्राथमिक विद्यालय गिरधरपुर पहुंच गए। यहां नामांकित 80 बच्चों में से सिर्फ 49 बच्चे उपस्थित थे। कक्षा तीन की छात्रा ने अच्छे ढंग से पुस्तक पढ़ी तो डीएम ने उसे शबासी दी। बच्चों से एमडीएम के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि दूध और खिचड़ी मिली है। डीएम ने प्रधानाध्यापक लता वर्मा को हिदायत दी कि बच्चों की उपस्थित और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर का निरीक्षण किया। यहां पंजीकृत 131 बच्चों में से 91 बच्चे उपस्थित मिले। सभी बच्चों को एक समूह में बैठा कर पहाड़ा पढ़ाया जा रहा था। इस पर डीएम के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने प्रधानाध्यापक श्यामबाबू माली को फटकार लगाई और कहा कि अलग-अलग कक्षाओं में बच्चों का तकनीकी ढंग से पढ़ाई कराएं। जूनियर हाईस्कूल इब्राहिमपुर में नामांकित 102 बच्चों में से केवल 56 उपस्थित थे। इस पर डीएम ने हेडमास्टर फूलवत्ती बिंद को फटकार लगाई। उन्होंने कक्षा सात के बच्चों से 13 का पहाड़ा पूछा। इस पर बच्चे अगल-बगल झांकने लगे। कोई भी विद्यार्थी पहाड़ा नहीं सुना सका। इससे नाराज डीएम ने अध्यापकों को जमकर फटकार लगाई। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद कक्षा छह के बच्चों को स्कूल बैग और पुस्तकों का वितरण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जुलाई तक जनपद के सभी बच्चों को नोडल अधिकारी की उपस्थिति में यूनिफॉर्म का वितरण करा दिया जाए। साथ ही प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को आगाह कि बच्चों को सिलेबस के अनुसार पढ़ाएं और अनुशासन सिखाएं। कहा कि बच्चों को यूनिफॉर्म में स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। साथ ही विद्यालयों की साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में जल्द से जल्द पुस्तक और यूनिफॉर्म का वितरण करा दें। इस अवसर पर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। अच्छी शिक्षा के माध्यम से शिक्षक उनका भविष्य संवार सकते हैं। इस दौरान बीएसए अमित कुमार, जिला समन्वयक राजकुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद बुधवार को सुबह प्राथमिक विद्यालय गिरधरपुर पहुंच गए। यहां नामांकित 80 बच्चों में से सिर्फ 49 बच्चे उपस्थित थे। कक्षा तीन की छात्रा ने अच्छे ढंग से पुस्तक पढ़ी तो डीएम ने उसे शबासी दी। बच्चों से एमडीएम के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि दूध और खिचड़ी मिली है। डीएम ने प्रधानाध्यापक लता वर्मा को हिदायत दी कि बच्चों की उपस्थित और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर का निरीक्षण किया। यहां पंजीकृत 131 बच्चों में से 91 बच्चे उपस्थित मिले। सभी बच्चों को एक समूह में बैठा कर पहाड़ा पढ़ाया जा रहा था। इस पर डीएम के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने प्रधानाध्यापक श्यामबाबू माली को फटकार लगाई और कहा कि अलग-अलग कक्षाओं में बच्चों का तकनीकी ढंग से पढ़ाई कराएं। जूनियर हाईस्कूल इब्राहिमपुर में नामांकित 102 बच्चों में से केवल 56 उपस्थित थे। इस पर डीएम ने हेडमास्टर फूलवत्ती बिंद को फटकार लगाई। उन्होंने कक्षा सात के बच्चों से 13 का पहाड़ा पूछा। इस पर बच्चे अगल-बगल झांकने लगे। कोई भी विद्यार्थी पहाड़ा नहीं सुना सका। इससे नाराज डीएम ने अध्यापकों को जमकर फटकार लगाई। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद कक्षा छह के बच्चों को स्कूल बैग और पुस्तकों का वितरण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जुलाई तक जनपद के सभी बच्चों को नोडल अधिकारी की उपस्थिति में यूनिफॉर्म का वितरण करा दिया जाए। साथ ही प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को आगाह कि बच्चों को सिलेबस के अनुसार पढ़ाएं और अनुशासन सिखाएं। कहा कि बच्चों को यूनिफॉर्म में स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। साथ ही विद्यालयों की साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में जल्द से जल्द पुस्तक और यूनिफॉर्म का वितरण करा दें। इस अवसर पर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। अच्छी शिक्षा के माध्यम से शिक्षक उनका भविष्य संवार सकते हैं। इस दौरान बीएसए अमित कुमार, जिला समन्वयक राजकुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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