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फ्राड से कालीन कारोबार की गिरा रहे साख
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:31 AM IST
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भदोही। एयर कार्गो में 51 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की खबर से जनपद के कालीन निर्यातक चिंतित हैं। उन्हें चिंता सताने लगी है कि भले ही गिने चुने लोग ऐसा करते हैं, लेकिन इससे पूरे कारोबार की साख पर असर पड़ेगा और इसका खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ सकता है। कारोबारियों का कहना है कि धोखाधड़ी में लिप्त चाहे जो लोग भी हों, उनका पता लगाकर सख्त सजा दी जानी चाहिए। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन महावीन प्रताप उर्फ राजा शर्मा ने कहा कि ऐसी कंपनियों का पता चलते ही उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा।
परिषद के चेयरमैन ने कहा कि जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे राष्ट्र विरोधी कार्य कर रहे हैं। इस तरह से सरकार को चूना लगाना चिंता की बात है। इसका खामियाजा पूरे उद्योग को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कालीन निर्यात करने वाली इकाइयां सीईपीसी अथवा फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्टर्स आर्गनाईजेशन (फियो) से संबद्ध रहती हैं। ऐसे में धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों की जांच में परिषद पूरा सहयोग करने को तैयार है।
चेयरमैन ने कहा कि परिषद सरकार से ड्रॉ-बैक, टैक्स अथवा ब्याज में राहत की मांग करती रही है। इसके पीछे मंशा होती है कि लघु और मझोले उद्यमी पनपेंगे, लेकिन इस तरह की धोखाधड़ी के मामले सामने आने से राहत प्रयासों को धक्का लगता है।
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परिषद के चेयरमैन ने कहा कि जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे राष्ट्र विरोधी कार्य कर रहे हैं। इस तरह से सरकार को चूना लगाना चिंता की बात है। इसका खामियाजा पूरे उद्योग को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कालीन निर्यात करने वाली इकाइयां सीईपीसी अथवा फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्टर्स आर्गनाईजेशन (फियो) से संबद्ध रहती हैं। ऐसे में धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों की जांच में परिषद पूरा सहयोग करने को तैयार है।
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चेयरमैन ने कहा कि परिषद सरकार से ड्रॉ-बैक, टैक्स अथवा ब्याज में राहत की मांग करती रही है। इसके पीछे मंशा होती है कि लघु और मझोले उद्यमी पनपेंगे, लेकिन इस तरह की धोखाधड़ी के मामले सामने आने से राहत प्रयासों को धक्का लगता है।
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