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राहत : चार ब्लॉक डार्क जोन से बाहर
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:28 AM IST
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ज्ञानपुर। पानी के संकट से जूझ रहे जिले के किसानों और आमजन के लिए राहत वाली खबर है। औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां समेत जिले के चार ब्लॉक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। अब इन ब्लॉकों में मध्यम एवं गहरी बोरिंग करा किसान अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। हालांकि ज्ञानपुर और भदोही ब्लॉक अब भी डार्क जोन में हैं। यहां बोरिंग तो नहीं हो सकेगी लेकिन विद्युतीकरण की छूट दे दी गई है।
पिछले एक दशक से मानक से कम बारिश होने और अत्यधिक जल दोहन के कारण जिले का भूगर्भ जलस्तर 50 से 80 फीट तक नीचे चला गया था। भविष्य में पेयजल संकट के मद्देनजर प्रशासन की रिपोर्ट पर 2012 में शासन ने ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां समेत जिले के सभी ब्लॉकों को डार्क जोन घोषित कर दिया था। इसके चलते जिले में गहरी और मध्यम श्रेणी की बोरिंग (250 से 300 फीट) पर रोक लग गई थी। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। किसी तरह नहर और राजकीय नलकूप के सहारे खेती कर रहे थे। इस बीच प्रशासन की ओर से जल संरक्षण के लिए 500 से अधिक तालाब खोदने के साथ ही अन्य उपाय किए गए।
अबजलस्तर में सुधार होने पर शासन ने जिले के चार ब्लॉकों को डार्क जोन से हटा दिया है। इन ब्लॉकों का जलस्तर ऊपर आ गया है। अब किसान बोरिंग करा कर नलकूप लगवा सकेंगे। बता दें कि जिले में 425 राजकीय नलकूप के अलावा लघु सिंचाई विभाग की ओर 200 नलकूप लगाए गए हैं। डार्क जोन घोषित होने के बाद पांच साल से एक भी बोरिंग नहीं कराई गई। केएन पीजी कॉलेज के पर्यावरणविद डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि जल दोहन से पानी का स्तर तेजी से नीचे खिसक जाता है। भविष्य में हैंडपंप, कुओं का पानी न सूखे इसके लिए डार्क जोन घोषित किया जाता है। लघु एवं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता छोटेलाल ने कहा कि जलस्तर में सुधार होने पर शासन से चार ब्लॉकों को डार्क जोन की सूची से हटा दिया है। भदोही और ज्ञानपुर में फिलहाल बोरिंग तो नहीं होगी लेकिन किसान विद्युतीकरण करा सकेंगे।
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पिछले एक दशक से मानक से कम बारिश होने और अत्यधिक जल दोहन के कारण जिले का भूगर्भ जलस्तर 50 से 80 फीट तक नीचे चला गया था। भविष्य में पेयजल संकट के मद्देनजर प्रशासन की रिपोर्ट पर 2012 में शासन ने ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां समेत जिले के सभी ब्लॉकों को डार्क जोन घोषित कर दिया था। इसके चलते जिले में गहरी और मध्यम श्रेणी की बोरिंग (250 से 300 फीट) पर रोक लग गई थी। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। किसी तरह नहर और राजकीय नलकूप के सहारे खेती कर रहे थे। इस बीच प्रशासन की ओर से जल संरक्षण के लिए 500 से अधिक तालाब खोदने के साथ ही अन्य उपाय किए गए।
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अबजलस्तर में सुधार होने पर शासन ने जिले के चार ब्लॉकों को डार्क जोन से हटा दिया है। इन ब्लॉकों का जलस्तर ऊपर आ गया है। अब किसान बोरिंग करा कर नलकूप लगवा सकेंगे। बता दें कि जिले में 425 राजकीय नलकूप के अलावा लघु सिंचाई विभाग की ओर 200 नलकूप लगाए गए हैं। डार्क जोन घोषित होने के बाद पांच साल से एक भी बोरिंग नहीं कराई गई। केएन पीजी कॉलेज के पर्यावरणविद डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि जल दोहन से पानी का स्तर तेजी से नीचे खिसक जाता है। भविष्य में हैंडपंप, कुओं का पानी न सूखे इसके लिए डार्क जोन घोषित किया जाता है। लघु एवं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता छोटेलाल ने कहा कि जलस्तर में सुधार होने पर शासन से चार ब्लॉकों को डार्क जोन की सूची से हटा दिया है। भदोही और ज्ञानपुर में फिलहाल बोरिंग तो नहीं होगी लेकिन किसान विद्युतीकरण करा सकेंगे।
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