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आईआईटी बीएचयू में बना डेटा सेल
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:43 AM IST
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वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में अलग से एक डेटा सेल स्थापित किया गया है। ये डेटा सेल इस लिहाज से बनाया गया है ताकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनआईआरएफ तक सही आंकड़े व सूचनाएं उपलब्ध हों। किसी भी तरह की सूचनाओं और तथ्यों से अवगत कराने की जिम्मेदारी इस डेटा सेल की होगी। रजिस्ट्रार समेत डीन (एकेडमिक अफेयर्स) और डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स) इस डेटा सेल का हिस्सा हैं।
पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से बेस्ट कॉलेज के सर्वेक्षण में आईआईटी बीएचयू की रैंकिंग नीचे गिरी थी। संस्थान का आरोप था कि रैंकिंग एजेंसी को जो आंकड़े उपलब्ध थे वो सही नहीं थे। उनके कई रिसर्च, पेटेंट वगैरह एजेंसी ने शामिल नहीं किए। इन्हीं बिंदुओं को देखते हुए निदेशक ने इस सेल का गठन किया है। इस सेल का काम यही होगा कि संस्थान के हर विभाग, फैकल्टी से समय-समय पर आंकड़े जुटाते रहें और उसे अपडेट करते रहें। संस्थान में कौन से, कितने शोध चल रहे हैं, शोध कहां और किस जर्नल में प्रकाशित हैं, कितने पेटेंट हो रहे हैं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में क्या प्रगति है, इन सबको पूरा ब्योरा डेटा सेल तैयार करेगा और समय-समय इससे मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनआईआरएफ को अवगत कराता रहेगा। सेल के इंचार्ज असिस्टेंट रजिस्ट्रार (फाइनेंस) देवेंद्र प्रताप बनाए गए हैं। सेल में एनुअल रिपोर्ट कमेटी के चेयरमैन, इंस्टीट्यूट न्यूजलेटर के चीफ एडिटर को भी शामिल किया गया है।
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पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से बेस्ट कॉलेज के सर्वेक्षण में आईआईटी बीएचयू की रैंकिंग नीचे गिरी थी। संस्थान का आरोप था कि रैंकिंग एजेंसी को जो आंकड़े उपलब्ध थे वो सही नहीं थे। उनके कई रिसर्च, पेटेंट वगैरह एजेंसी ने शामिल नहीं किए। इन्हीं बिंदुओं को देखते हुए निदेशक ने इस सेल का गठन किया है। इस सेल का काम यही होगा कि संस्थान के हर विभाग, फैकल्टी से समय-समय पर आंकड़े जुटाते रहें और उसे अपडेट करते रहें। संस्थान में कौन से, कितने शोध चल रहे हैं, शोध कहां और किस जर्नल में प्रकाशित हैं, कितने पेटेंट हो रहे हैं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में क्या प्रगति है, इन सबको पूरा ब्योरा डेटा सेल तैयार करेगा और समय-समय इससे मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनआईआरएफ को अवगत कराता रहेगा। सेल के इंचार्ज असिस्टेंट रजिस्ट्रार (फाइनेंस) देवेंद्र प्रताप बनाए गए हैं। सेल में एनुअल रिपोर्ट कमेटी के चेयरमैन, इंस्टीट्यूट न्यूजलेटर के चीफ एडिटर को भी शामिल किया गया है।
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