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जैन मंदिर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन हुए विविध आयोजन
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वाराणसी। दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वाधान में नरिया स्थित जैन मंदिर में चल रहे आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव विश्व शांति महायज्ञ के चौथे दिन कई आयोजन हुए। इस अवसर पर जैनमुनि विशोक सागर महाराज ने कहा कि आज का समय धन्य है कि काशी में जिनेंद्र वाणी सुनाई दे रही है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा श्रद्धा के साथ संपन्न हुई है और सभी की मिथ्या दृष्टि दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि चित्त शुद्धि से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।
गुरुवार को प्रात: महोत्सव का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से किया गया। इसके बाद तीर्थंकर का अभिषेक कर महा आर्ग चढ़ाए गए। लोकसभा चुनाव के शांति पूर्वक संपन्न होने के लिए शांति धारा की गई। इस अवसर पर भगवान आदिनाथ के वैराग्य की प्राप्ति के लिए केश लोचन कर पूर्ण मुनि बनाने की प्रक्रिया हुई। विधिविधान से पूजन के बाद तीर्थंकर भगवान को सिंहासन पर विराजमान किया गया। इस दौरान गर्भ, जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक की विशेष पूजा की गई। विशोक सागर महाराज व विश्व विजय सागर द्वारा सूर्य मंत्र देकर सभी 24 तीर्थंकरों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रथम आहार राजा श्रेयांश के रूप में दीपक जैन ने कराया। इस अवसर पर प्रो. कमलेश जैन, प्रो. फूल चंद प्रेमी, प्रो. अशोक कुमार, दीपक जैन, अरुण जैन, राजेश जैन, आरसी जैन, विनोद जैन, सुरेंद्र कुमार जैन, संजय गर्ग, तरुण जैन, सौरभ जैन, विवेकानंद जैन आदि उपस्थित रहे।
शुक्रवार को अंतिम दिन सुबह 7 बजे से विश्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति, रथ यात्रा वेदिका पर तीर्थंकर विराजमान और महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
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गुरुवार को प्रात: महोत्सव का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से किया गया। इसके बाद तीर्थंकर का अभिषेक कर महा आर्ग चढ़ाए गए। लोकसभा चुनाव के शांति पूर्वक संपन्न होने के लिए शांति धारा की गई। इस अवसर पर भगवान आदिनाथ के वैराग्य की प्राप्ति के लिए केश लोचन कर पूर्ण मुनि बनाने की प्रक्रिया हुई। विधिविधान से पूजन के बाद तीर्थंकर भगवान को सिंहासन पर विराजमान किया गया। इस दौरान गर्भ, जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक की विशेष पूजा की गई। विशोक सागर महाराज व विश्व विजय सागर द्वारा सूर्य मंत्र देकर सभी 24 तीर्थंकरों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रथम आहार राजा श्रेयांश के रूप में दीपक जैन ने कराया। इस अवसर पर प्रो. कमलेश जैन, प्रो. फूल चंद प्रेमी, प्रो. अशोक कुमार, दीपक जैन, अरुण जैन, राजेश जैन, आरसी जैन, विनोद जैन, सुरेंद्र कुमार जैन, संजय गर्ग, तरुण जैन, सौरभ जैन, विवेकानंद जैन आदि उपस्थित रहे।
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शुक्रवार को अंतिम दिन सुबह 7 बजे से विश्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति, रथ यात्रा वेदिका पर तीर्थंकर विराजमान और महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया जाएगा।