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तेरस पर बाबा के जलाभिषेक के लिए उमड़े कांवरिए
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:52 AM IST
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वाराणसी। तेरस की पूर्व संध्या पर बाबा के जलाभिषेक के लिए कांवरियों की भारी भीड़ काशी में उमड़ पड़ी। सावन के सोमवार पर केंद्रित रहने वाला प्रशासन तेरस की तिथि के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं कर सका। बुधवार की शाम तक गोदौलिया क्षेत्र के कांवरिया शिविर में पैर रखने की जगह तक नहीं बची थी। गोदौलिया से लेकर मंदिर परिसर तक अव्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रयाग से गंगा जल लेकर चले कांवरियों के जत्थे बारी-बारी से शहर में आने शुरू हुए तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी बेपटरी हो गई। बुधवार को भी बाबा के दरबार में जलभिषेक करने वालों की कतार लगी रही। पूरे दिन में 60 हजार से अधिक लोगों ने विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाई।
सावन के सोमवार पर जलाभिषेक के लिए तैयारी करने वाला जिला प्रशासन तेरस की तिथि पर उमड़ने वाली कांवरियों की भीड़ का पूर्वानुमान नहीं लगा सका। मंदिर परिक्षेत्र में उमड़ी कांवरियों की भीड़ के बावजूद गिरजाघर से गोदौलिया, दशाश्वमेध और ज्ञानवापी के बीच जगह-जगह बैरिकेडिंग में इस्तेमाल की गई बल्लियां खोल कर रखी हुई हैं। रास्ते में पड़ी बल्लियों के कारण सड़क की चौड़ाई कम होने से जाम लग रहा है वहीं कांवरिए चोटिल भी हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक डायवर्जन नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिक अपने वाहनों के साथ निकले। बुधवार की शाम को शहर में कांवरियों का दबाव अचानक बढ़ गया। सबसे अधिक भीड़ कलेक्ट्री फार्म से दशाश्वमेध मार्ग पर रही। मढ़ौली, मंडुवाडीह, महमूरगंज, रथयात्रा और लक्सा क्षेत्र में कांवरियों के लिए जगह-जगह लगाए गए शिविरों में भी केसरिया वस्त्रधारी पुरुषों और महिलाओं की भीड़ सबसे ज्यादा रही। कांवरियों के जत्थे झांकियों के साथ नाचते गाते और भगवान से अपने पापों के लिए क्षमा मांगते हुए आगे बढ़ रहे थे। रात होते ही लक्सा से दशाश्वमेध के बीच सिर्फ कांवरियों का रेला ही दिखाई दे रहा था।
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सावन के सोमवार पर जलाभिषेक के लिए तैयारी करने वाला जिला प्रशासन तेरस की तिथि पर उमड़ने वाली कांवरियों की भीड़ का पूर्वानुमान नहीं लगा सका। मंदिर परिक्षेत्र में उमड़ी कांवरियों की भीड़ के बावजूद गिरजाघर से गोदौलिया, दशाश्वमेध और ज्ञानवापी के बीच जगह-जगह बैरिकेडिंग में इस्तेमाल की गई बल्लियां खोल कर रखी हुई हैं। रास्ते में पड़ी बल्लियों के कारण सड़क की चौड़ाई कम होने से जाम लग रहा है वहीं कांवरिए चोटिल भी हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक डायवर्जन नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिक अपने वाहनों के साथ निकले। बुधवार की शाम को शहर में कांवरियों का दबाव अचानक बढ़ गया। सबसे अधिक भीड़ कलेक्ट्री फार्म से दशाश्वमेध मार्ग पर रही। मढ़ौली, मंडुवाडीह, महमूरगंज, रथयात्रा और लक्सा क्षेत्र में कांवरियों के लिए जगह-जगह लगाए गए शिविरों में भी केसरिया वस्त्रधारी पुरुषों और महिलाओं की भीड़ सबसे ज्यादा रही। कांवरियों के जत्थे झांकियों के साथ नाचते गाते और भगवान से अपने पापों के लिए क्षमा मांगते हुए आगे बढ़ रहे थे। रात होते ही लक्सा से दशाश्वमेध के बीच सिर्फ कांवरियों का रेला ही दिखाई दे रहा था।
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