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मांगें पूरी होंगी, तभी जांचेंगे कापियां
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:55 AM IST
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ज्ञानपुर। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा एवं शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार मंगलवार को चौथे दिन भी किया गया। जीआईसी में आयोजित सभा में मांग पूरी होने तक अडिग रहने का निर्णय लिया गया। आंदोलन के चलते मूल्याकन कार्य भी अब प्रभावित होने लगा है।
मूल्यांकन केंद्र विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक नेताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक राजकीय शिक्षकों की तरह सभी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। पूर्ववर्ती सरकार ने मानदेय देना शुरू किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस पर रोक लगा दिया। उनको सम्मानजनक मानदेय जब तक नहीं मिलेगा वह मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखेंगे। वहीं दूसरी ओर वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन से मूल्यांकन प्रभावित होने लगा है। एक दिन में 15 से 19 हजार के बजाए 10 से 12 हजार कापियां ही जंच पा रही हैं। इस मौके पर समर बहादुर, अनिल बिंद, सभाजीत तिवारी, बीएल यादव, राजबली विश्वकर्मा, बबिता सिंह, इंदू तिवारी, रंजना यादव, दिनेश मालवीय आदि रहे।
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मूल्यांकन केंद्र विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक नेताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक राजकीय शिक्षकों की तरह सभी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। पूर्ववर्ती सरकार ने मानदेय देना शुरू किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस पर रोक लगा दिया। उनको सम्मानजनक मानदेय जब तक नहीं मिलेगा वह मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखेंगे। वहीं दूसरी ओर वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन से मूल्यांकन प्रभावित होने लगा है। एक दिन में 15 से 19 हजार के बजाए 10 से 12 हजार कापियां ही जंच पा रही हैं। इस मौके पर समर बहादुर, अनिल बिंद, सभाजीत तिवारी, बीएल यादव, राजबली विश्वकर्मा, बबिता सिंह, इंदू तिवारी, रंजना यादव, दिनेश मालवीय आदि रहे।
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