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शंकराचार्य के पद पर विवाद है निरर्थक : स्वरूपानंद सरस्वती
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:53 AM IST
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वाराणसी। द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य जगद्गुरू स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य पद पर जो विवाद है वह पूरी तरह से निरर्थक है। पद को लेकर जो विवादों को तूल दे रहे हैं वह निजी स्वार्थों में ऐसा कर रहे हैं। शंकराचार्य के पद पर जो भारत धर्म महामंडल ने मेरा अभिषेक किया है वह न्यायालय के आदेश पर किया है। उसकी पूरी प्रक्रिया विधि एवं न्याय सम्मत है।
शनिवार को काशी पहुंचने के बाद श्रीमठ में बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि छद्मवेशी साधु-संतों से सनातन धर्म को बहुत खतरा है। ऐसे लोग श्रुति और स्मृति को बदलने की कुचेष्टा कर रहे हैं। इससे सनातन धर्म को हानि हो रही है। काशी ने ही पूरी दुनिया को उन्नति और सांस्कृतिक विकास का संदेश दिया है। काशी का यह गुणधर्म यथावत बना हुआ है। काशी आज भी पूरे विश्व को सर्वधर्म सम्भाव का संदेश दे रही है।
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शनिवार को काशी पहुंचने के बाद श्रीमठ में बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि छद्मवेशी साधु-संतों से सनातन धर्म को बहुत खतरा है। ऐसे लोग श्रुति और स्मृति को बदलने की कुचेष्टा कर रहे हैं। इससे सनातन धर्म को हानि हो रही है। काशी ने ही पूरी दुनिया को उन्नति और सांस्कृतिक विकास का संदेश दिया है। काशी का यह गुणधर्म यथावत बना हुआ है। काशी आज भी पूरे विश्व को सर्वधर्म सम्भाव का संदेश दे रही है।
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