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‘साहब, बाहर की दवा लिख रहे डॉक्टर’
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:27 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में बाहर की दवा लिखने से डॉक्टर बाज नहीं आ रहे। इससे जुड़ी शिकायतें चिकित्सा अधीक्षक के यहां पहुंच रही हैं। सोमवार को भी आजमगढ़ की एक गरीब महिला ने शिकायत की। कार्डियोलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर बाहर के एक मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर लाने के लिए पर्चा देने का आरोप लगाया। जबकि महिला के इलाज के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय से पैसा बीएचयू प्रशासन को जारी किया गया है।
आजमगढ़ के हडौरा निवासी संतोष यादव की पत्नी सरिता का वाल्व खराब हो गया था। पांच साल पहले उसने विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर से इलाज कराया था। अब उसका वाल्व सिकुड़ने लगा तो असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार को दिखाया। उनकी देखरेख में इलाज चल रहा है और वाल्व बदला जाना है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय से मिलने उनके कार्यालय में पहुंची सरिता ने बताया कि इलाज के लिए उसे प्रधानमंत्री कार्यालय से 50 हजार, मुख्यमंत्री कार्यालय से एक लाख रुपये स्वीकृत हुए। दवा अमृत फार्मेसी से खरीदी जानी है, इसका आदेश अप्रैल में जारी हो चुका है। महिला ने आरोप लगाया है कि चिकित्सक पूर्व में इलाज के दौरान मौतों का हवाला देते हुए बाहर से दवा खरीदने की बात कह रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक ने उसे हर हाल में अमृत फार्मेसी से दवा दिलाने का आश्वासन दिया, तब वह लौटी। उधर, डॉक्टर संजय कुमार ने आरोप को निराधार बताया। कहा कि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए नहीं कहा जाता।
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आजमगढ़ के हडौरा निवासी संतोष यादव की पत्नी सरिता का वाल्व खराब हो गया था। पांच साल पहले उसने विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर से इलाज कराया था। अब उसका वाल्व सिकुड़ने लगा तो असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार को दिखाया। उनकी देखरेख में इलाज चल रहा है और वाल्व बदला जाना है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय से मिलने उनके कार्यालय में पहुंची सरिता ने बताया कि इलाज के लिए उसे प्रधानमंत्री कार्यालय से 50 हजार, मुख्यमंत्री कार्यालय से एक लाख रुपये स्वीकृत हुए। दवा अमृत फार्मेसी से खरीदी जानी है, इसका आदेश अप्रैल में जारी हो चुका है। महिला ने आरोप लगाया है कि चिकित्सक पूर्व में इलाज के दौरान मौतों का हवाला देते हुए बाहर से दवा खरीदने की बात कह रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक ने उसे हर हाल में अमृत फार्मेसी से दवा दिलाने का आश्वासन दिया, तब वह लौटी। उधर, डॉक्टर संजय कुमार ने आरोप को निराधार बताया। कहा कि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए नहीं कहा जाता।
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