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प्रवासी भारतीयों के स्वागत को आएंगे नौ राज्यों के सीएम
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वाराणसी। अपनी जड़ों से जुड़ने दुनिया भर से आ रहे प्रवासी भारतीयों के स्वागत के लिए नौ राज्यों के मुख्यमंत्री और आला अधिकारी भी वाराणसी पहुंचेंगे। यह जानकारी सोमवार को लखनऊ में प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम के लिए गठित स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में दी गई। इस दौरान तैयारियों की माइक्रो लेवल समीक्षा भी की गई। 10 जनवरी को विदेश मंत्रालय और शासन की टीम वाराणसी आएगी और 15 जनवरी से यह टीम तैयारियों की निगरानी के लिए कैंप करेगी।
बैठक में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए एस्टीमेट बजट को सहमति दी गई। इसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में भागीदारी करेंगे। इनके प्रवास आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पर्यटन, नाबार्ड, काशी के महात्म्य वाले स्टाल लगाने और साहित्य और संगीत वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी पर सहमति दी गई। बड़ा लालपुर में 21 जनवरी को होने वाले यूपी पीबीडी (उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस) कार्यक्रम पर चर्चा की गई। माइक्रो डिटेलिंग के साथ डायस प्लान बनाया गया। बैठक में तय किया गया कि प्रवासी मेहमानों को गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ के भ्रमण की व्यवस्था होगी। अन्य जगहों पर जाने वाले मेहमानों को सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों की निगरानी करेगी। बैठक में तय बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया गया है।
पांच गाड़ी पर एक स्कॉर्ट वाहन
लखनऊ में परिवहन समिति की बैठक में सम्मेलन के बाद प्रयागराज कुंभ जाने के लिए बसों की संख्या बढ़ाने और रूट प्लान पर चर्चा हुई। इसमें प्रत्येक पांच बसों पर एक स्कॉट वाहन और बसों में पुलिस, प्रशासन की पांच सदस्यीय टीम तैनात करने का निर्णय हुआ।
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राडार पर जिले के अधिकारी
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान कामकाज में जुटे स्थानीय अधिकारियों की मॉनिटरिंग विदेश मंत्रालय कर रहा है। इसमें सम्मेलन के बाद इनकी रैंकिंग के साथ विदेश मंत्रालय प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भी देगी।
250 लाइजनिंग अफसरों की तैनाती
सम्मेलन की तैयारी के लिए अलग-अलग अफसरों की जिम्मेदारी तय की गई है। विदेश मंत्रालय ने यूपी के विभिन्न जिलों व मंत्रालयों के अलावा सचिवालय से अफसरों को यहां बुलाया है। प्रवासी मेहमानों के लिए 250 लाइजनिंग अफसर तैनात किए जा रहे हैं।
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बैठक में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए एस्टीमेट बजट को सहमति दी गई। इसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में भागीदारी करेंगे। इनके प्रवास आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पर्यटन, नाबार्ड, काशी के महात्म्य वाले स्टाल लगाने और साहित्य और संगीत वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी पर सहमति दी गई। बड़ा लालपुर में 21 जनवरी को होने वाले यूपी पीबीडी (उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस) कार्यक्रम पर चर्चा की गई। माइक्रो डिटेलिंग के साथ डायस प्लान बनाया गया। बैठक में तय किया गया कि प्रवासी मेहमानों को गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ के भ्रमण की व्यवस्था होगी। अन्य जगहों पर जाने वाले मेहमानों को सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों की निगरानी करेगी। बैठक में तय बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया गया है।
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पांच गाड़ी पर एक स्कॉर्ट वाहन
लखनऊ में परिवहन समिति की बैठक में सम्मेलन के बाद प्रयागराज कुंभ जाने के लिए बसों की संख्या बढ़ाने और रूट प्लान पर चर्चा हुई। इसमें प्रत्येक पांच बसों पर एक स्कॉट वाहन और बसों में पुलिस, प्रशासन की पांच सदस्यीय टीम तैनात करने का निर्णय हुआ।
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राडार पर जिले के अधिकारी
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान कामकाज में जुटे स्थानीय अधिकारियों की मॉनिटरिंग विदेश मंत्रालय कर रहा है। इसमें सम्मेलन के बाद इनकी रैंकिंग के साथ विदेश मंत्रालय प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भी देगी।
250 लाइजनिंग अफसरों की तैनाती
सम्मेलन की तैयारी के लिए अलग-अलग अफसरों की जिम्मेदारी तय की गई है। विदेश मंत्रालय ने यूपी के विभिन्न जिलों व मंत्रालयों के अलावा सचिवालय से अफसरों को यहां बुलाया है। प्रवासी मेहमानों के लिए 250 लाइजनिंग अफसर तैनात किए जा रहे हैं।