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पटरी दूकानदारों को राहत
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:55 AM IST
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जौनपुर। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सड़क की पटरियों पर दूकान लगाने वालों को न हटाने और उन्हें नीति के तहत सुविधाएं देने के लिए शासनादेश जारी होने से दूकानदारों को बड़ी राहत मिली है। जिले में शहर समेत सभी तहसील, ब्लाक और ग्रामीण इलाके की बाजारों में पटरी पर दूकान लगाने वालों की संख्या हजारों में है। पूर्व में सरकार द्वारा ऐसे दुकानदारों को पटरी से हटाने के लिए की गई तैयारी की खबर से कारोबारियों पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।
ओलंदगंज में सड़क की पटरी पर सब्जी की दूकान चलाने वाले राजेश गुप्ता कहते हैं कि सरकार की ओर से जब सड़क की पटरी से दूकानदारों को हटाने की खबर सुनी थी तो ऐेसा लगा कि शायद अब रोजी रोटी के लिए कुछ और काम देखना पड़े गा। लेकिन शनिवार को अखबार में इस खबर को पढ़ा तो काफी राहत महसूस हुई। नगर कोतवाली के पास फुटपाथ पर चूड़ी और कास्मेटिक की दूकान लगाने वाले मो. फिरोज कहते हैं कि इसी दूकान की बदौलत उनके परिवार का खर्च चलता है। दूकान से इतनी आमदनी नहीं होती कि परिवार का खर्च पूरा करने के बाद दूकान का किराया भी दे सकूं। अगर सरकरा पटरी से दूकान हटा देती तो पूरा परिवार संकट में पड़ जाता। कहा कि सरकार की ओर से जारी किए गए शासनादेश ने बड़ी राहत दी है।
फल कारोबारी रामपाल सोनकर सब्जी मंडी के निकट फुटपाथ पर दूकान लगाते हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उनके जैसे मजबूर लोगों के हित के लिए सोचा है। इससे उनके जैसे तमाम परिवारों के समक्ष मंडरा रहा रोजी रोटी का संकट दूर हो गया है। सरकार ने सरकारने ऐसे दूकानदारों के लिए विक्रय क्षेत्र का निर्धारण कर परिचय पत्र दे देगी तो उन्हें लाइसेंस बनवाने में भी कोई गुरेज नहीं।
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ओलंदगंज में सड़क की पटरी पर सब्जी की दूकान चलाने वाले राजेश गुप्ता कहते हैं कि सरकार की ओर से जब सड़क की पटरी से दूकानदारों को हटाने की खबर सुनी थी तो ऐेसा लगा कि शायद अब रोजी रोटी के लिए कुछ और काम देखना पड़े गा। लेकिन शनिवार को अखबार में इस खबर को पढ़ा तो काफी राहत महसूस हुई। नगर कोतवाली के पास फुटपाथ पर चूड़ी और कास्मेटिक की दूकान लगाने वाले मो. फिरोज कहते हैं कि इसी दूकान की बदौलत उनके परिवार का खर्च चलता है। दूकान से इतनी आमदनी नहीं होती कि परिवार का खर्च पूरा करने के बाद दूकान का किराया भी दे सकूं। अगर सरकरा पटरी से दूकान हटा देती तो पूरा परिवार संकट में पड़ जाता। कहा कि सरकार की ओर से जारी किए गए शासनादेश ने बड़ी राहत दी है।
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फल कारोबारी रामपाल सोनकर सब्जी मंडी के निकट फुटपाथ पर दूकान लगाते हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उनके जैसे मजबूर लोगों के हित के लिए सोचा है। इससे उनके जैसे तमाम परिवारों के समक्ष मंडरा रहा रोजी रोटी का संकट दूर हो गया है। सरकार ने सरकारने ऐसे दूकानदारों के लिए विक्रय क्षेत्र का निर्धारण कर परिचय पत्र दे देगी तो उन्हें लाइसेंस बनवाने में भी कोई गुरेज नहीं।
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