{"_id":"621ded7488ede32f3f010a4d","slug":"up-elections-2022-6th-phase-who-is-shubhawati-shukla-to-contest-against-cm-yogi-adityanath-on-sp-ticket","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी चुनाव : योगी के खिलाफ सपा से चुनाव लड़ रहीं सुभावती कौन हैं? परिवार का भाजपा से क्या है कनेक्शन?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी चुनाव : योगी के खिलाफ सपा से चुनाव लड़ रहीं सुभावती कौन हैं? परिवार का भाजपा से क्या है कनेक्शन?
Thu, 03 Mar 2022 07:24 AM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 03 Mar 2022 07:24 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में पांच चरणों के बाद अब सबकी निगाहें छठे और सातवें चरण पर टिक गई है। छठे चरण में आज 10 जिलों की 57 सीटों पर मतदान जारी है। आज ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की किस्मत का फैसला भी ईवीएम में कैद हो जाएगा। मुख्यमंत्री को उनके ही राजनीतिक उत्तराधिकारी उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला समाजवादी पार्टी की तरफ से टक्कर दे रहीं हैं।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सुभावती शुक्ला और सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ गोरखपुर शहरी सीट से चुनाव लड़ रहीं सुभावती शुक्ला का भारतीय जनता पार्टी से पुराना नाता है। सुभावती गोरखपुर शहरी सीट से इकलौती महिला प्रत्याशी हैं। एक समय था जब सुभावती के पूरे परिवार का सीएम योगी से गहरा नाता था। आइए जानते हैं कौन हैं सुभावती? क्यों उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
विज्ञापन
पहले जान लीजिए कौन हैं सुभावती?
उपेंद्र शुक्ला और उनकी पत्नी सुभावती शुक्ला। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सुभावती शुक्ला भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी हैं। उपेंद्र दत्त की साल 2020 में दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गई थी। उपेंद्र सीएम योगी के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाते थे। यही कारण है कि 2017 में जब योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लोकसभा सीट छोड़ी तो इस सीट से उन्होंने उपेंद्र को ही टिकट दिलवाया। हालांकि, उपेंद्र 2018 में हुए उपचुनाव में हार गए। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र का टिकट काटकर भाजपा ने भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन को प्रत्याशी बना दिया था। उपेंद्र जनसंघ के जमाने से ही भाजपा से जुड़े थे। उन्हें संगठन का बड़ा नेता माना जाता था। हालांकि, चुनावी राजनीति में उन्हें सफलता नहीं मिली। तीन बार विधानसभा और एक बार लोकसभा चुनाव लड़े, हर बार उन्हें हार मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुभावती और उनके पूरे परिवार ने भाजपा क्यों छोड़ दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उपेंद्र दत्त शुक्ला।
- फोटो : अमर उजाला
उपेंद्र दत्त शुक्ला का पूरा परिवार अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुका है। उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला, उनके पुत्र अरविंद दत्त शुक्ला और अमित शुक्ला को अखिलेश यादव ने ही पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। बताया जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में फिल्म स्टार रवि किशन को उम्मीदवार बनाए जाने से उपेन्द्र शुक्ला काफी नाराज हुए थे। हालांकि, गोरखपुर पहुंचने पर पहले ही दिन रवि किशन सीधे उपेंद्र दत्त के घर पहुंचे। इसके बाद उपेंद्र दत्त ने उन्हें गले लगाया और उनके साथ जुलूस में शामिल हो गए थे। 2020 में उपेंद्र की मौत हुई उसके बाद से उनके परिवार और भाजपा के बीच अनबन शुरू बढ़ने लगी। उपेंद्र की पत्नी और बेटे ने भाजपा नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाया। बाद में पूरे परिवार ने सपा का दामन थाम लिया।
उपेंद्र बीमार हुए, तो योगी ने खुद अस्पताल में भर्ती कराया
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान रवि किशन के लिए उपेंद्र दत्त शुक्ला ने भी प्रचार-प्रसार किया था।
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी और उपेंद्र दत्त के रिश्तों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2018 में एक बार उपेंद्र दत्त बीमार हो गए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम योगी ने खुद उन्हें पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के बाद चार मार्च को वह डिस्चार्ज हुए थे। उपेंद्र दत्त हमेशा मंच से कहते थे कि सीएम योगी आदित्यनाथ ही उनके राजनीतिक संरक्षक हैं।