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उत्तर प्रदेश से ग्राउंड रिपोर्ट: आदिवासी क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है सरकार, युवाओं को ज्यादा रोजगार के अवसरों की तलाश

Fri, 17 Dec 2021 01:42 PM IST
Harendra Chaudhary सोनभद्र-रॉबर्ट्सगंज से अमित शर्मा की रिपोर्ट।
सोनभद्र-रॉबर्ट्सगंज से अमित शर्मा की रिपोर्ट। Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 17 Dec 2021 01:42 PM IST
सार

आदिवासियों की भलाई के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश बौद्ध बताते हैं कि सरकार काम कर रही है, यहां लोगों को उसका लाभ भी मिल रहा है, लेकिन आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या को देखते हुए यह अपर्याप्त है। सरकार को ज्यादा से ज्यादा आदिवासियों को आवास उपलब्ध कराने पर विचार करना चाहिए...

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UP Election 2022 Ground Report: rural tribal areas of Sonebhadra and Robertsganj are the beneficiaries of Pradhan Mantri Awas Yojana
शिक्षिका बच्चों को पढ़ाते हुए - फोटो : Amar Ujala/ Amit Sharma

विस्तार

केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार ग्रामीण इलाकों का विकास करने में जुटी हैं। उसका यह प्रयास धीरे-धीरे जमीन पर असर डाल रहा है। सोनभद्र और रॉबर्ट्सगंज के ग्रामीण आदिवासी इलाकों में भी अब आदिवासियों की बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना से बने घर दिखाई पड़ते हैं। शौचालय जगह-जगह पर बने हुए हैं और इन क्षेत्रों तक प्राथमिक स्कूलों की पहुंच भी हो गई है। इससे इस क्षेत्र की एक बेहतर विकास की उम्मीद बंधी है। हालांकि, यहां पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि सरकार यहां और ज्यादा बेहतर काम करे जिससे उन्हें भी विकास करने का अवसर मिल सके।

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नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर सोनभद्र में भी भगवान शिव का पंचमुखी मंदिर दिखाई पड़ता है। पंचमुखी महादेव मंदिर इस क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है और वह अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां पहुंचते रहते हैं। मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे एक शिव भक्त गोपाल दास ने अमर उजाला को बताया कि यहां पहुंचने वाले सभी व्यक्तियों की मान्यताएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र के आसपास के लोगों के लिए यह मंदिर आस्था का विशेष केंद्र है।

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सरकार ने किया विकास, सरकारी नौकरियों में और पारदर्शिता की जरूरत

गोपाल दास ने कहा कि वर्तमान सरकार ने उत्तर प्रदेश के इस पिछड़े इलाके को विकसित करने के लिए काफी अच्छा काम किया है। लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल गई है। आवागमन के साधन बेहतर हो गए हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को अच्छी तरह मिल रहा है। एक अन्य भक्त सुरेंद्र बताते हैं कि उनकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उन्होंने अपना रोजगार शुरू किया है। यह भी धीरे-धीरे राह पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ठीक काम कर रही है और इस क्षेत्र के लोगों का उचित विकास हो रहा है।


युवा अनुज कुमार तिवारी कहते हैं कि सरकार के अच्छे कामों और योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है, लेकिन सरकारी नौकरियों का हाल बुरा है। नौकरियां निकाली तो जाती हैं लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जाता। इससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी नौकरियों में ज्यादा पारदर्शिता और तेजी लाए तो उनके जैसे लाखों युवाओं का भविष्य बदल सकता है।

UP Election 2022 Ground Report: rural tribal areas of Sonebhadra and Robertsganj are the beneficiaries of Pradhan Mantri Awas Yojana
पंचमुखी महादेव मंदिर - फोटो : Amar Ujala/ Amit Sharma

क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं का विस्तार हो

श्याम नारायण दुबे बताते हैं कि इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजना और राशन योजनाओं का लोगों का लाभ मिलता है सरकार अच्छा काम कर रही है और लोग उसके प्रति सकारात्मक दृष्टि रखते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि नई सरकार से यह उम्मीद रखेंगे कि वह इस क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं का विस्तार करें, जिससे किसान ज्यादा आसानी के साथ खेती कर सकें और उनकी जिंदगी आसान हो सके।

क्षेत्र की एक आदिवासी महिला गीता बताती हैं कि उन्हें उज्जवला गैस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वे जंगल से लकड़ियां काट कर लाती हैं और उससे चूल्हा जलाती हैं। कलावती बताती हैं कि उन्हें राशन योजना का लाभ मिल रहा है। दुर्गावती बताती हैं कि उनके परिवार के कुछ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, लेकिन उन्हें अभी तक आवास उपलब्ध नहीं हो पाया है।

आदिवासियों के लिए अभी और काम करने की जरूरत

आदिवासियों की भलाई के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश बौद्ध बताते हैं कि सरकार काम कर रही है, यहां लोगों को उसका लाभ भी मिल रहा है, लेकिन आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या को देखते हुए यह अपर्याप्त है। सरकार को ज्यादा से ज्यादा आदिवासियों को आवास उपलब्ध कराने पर विचार करना चाहिए। क्योंकि यह बहुत दयनीय स्थिति में झुग्गी झोपड़ियों में रहकर अपना जीवन गुजार रहे हैं।

क्षेत्र में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की टीचर ज्योति पांडे ने अमर उजाला को बताया कि इस स्कूल में दलितों और आदिवासियों के बच्चे पढ़ते हैं। सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग से भी बच्चे पढ़ने आ रहे हैं। उन्हें उचित शिक्षा दी जा रही है। कोरोना वायरस के ज्यादा प्रभावी रहने के समय अभिभावकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई तो अनेक परिवारों ने अपने बच्चों का नाम प्राइवेट स्कूलों से कटा कर सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया है। इन बच्चों को सही समय से ड्रेस किताबें और मध्याह्न भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस क्षेत्र में शिक्षा की यह किरण लोगों को एक नई उम्मीद बढ़ाती नजर आती है।

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