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यूपी: क्या बसपा में अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रही हैं रोहिणी घावरी? चन्द्रशेखर से दूरी बनाने की वजह क्या?

Sun, 20 Sep 2026 10:48 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 20 Sep 2026 10:48 PM IST
सार

Rohini Ghavri: रोहिणी घावरी और नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद के बीच व्यक्तिगत संबंधों को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। रोहिणी का आरोप है कि चन्द्रशेखर ने शादी का वादा कर उनका शोषण किया।

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UP: Is Rohini Ghavri seeking her political future within the BSP? What is the reason for her distance from Cha
यूपी में सक्रिय हैं रोहिणी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्विट्जरलैंड से लौटकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर हुईं रोहिणी घावरी जोरों से राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही हैं। हाल के दिनों में उनके बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में राजनीतिक भविष्य की संभावना देख रही हैं। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करते हुए वाल्मीकि समाज को पार्टी में राजनीतिक अवसर देने की मांग की है।

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मायावती की परिवारवाद को लेकर की गई पोस्ट को कोट करते हुए रोहिणी ने लिखा...आदरणीय बहनजी एक मौका कांशीराम साहब के गुरु दीनाभाना वाल्मीकि जी के समाज को दीजिए, परिवारवाद छोड़िये... बसपा की कृपा वही रुकी हुई है। उनके इस पोस्ट को बसपा में वाल्मीकि समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की अपील के तौर पर देखा जा रहा है।
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चन्द्रशेखर नहीं, मायावती दलितों की नेता
रोहिणी पिछले कुछ समय से वाल्मीकि समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठा रही हैं। हाल में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि उनकी प्राथमिकता खुद चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि अपने समाज के लोगों को विधानसभा और संसद तक पहुंचाना है। उन्होंने राजनीतिक दलों के सामने वाल्मीकि समाज को टिकट देने, दलित आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने और सफाई कर्मचारियों को नियमित करने जैसी मांगें भी रखी हैं। बीते दिनों एक बयान में उन्होंने कहा था कि चन्द्रशेखर जाति के नेता है जबकि मायावती दलितों की। रोहिणी का राजनीतिक सक्रियता का दौर ऐसे समय में बढ़ा है, जब वह चंद्रशेखर आजाद को लेकर भी लगातार चर्चा में रही हैं।
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इस तरह चर्चा में आईं थीं रोहिणी
रोहिणी घावरी और नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद के बीच व्यक्तिगत संबंधों को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। रोहिणी का आरोप है कि चन्द्रशेखर ने शादी का वादा कर उनका शोषण किया और बाद में संबंध तोड़ लिए। उन्होंने मामले को अदालत तक ले जाने की बात कही है। चन्द्रशेखर ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है और मामले पर अदालत में ही पक्ष रखने की बात कही है।

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