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तपती धूप में हो रही जमीनों की नापजोख
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 23 May 2015 12:11 AM IST
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बांगरमऊ। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए कब्जा की गई गैर बैनामा की जमीन की नापजोख तेजी पकड़ती जा रही है। शुक्रवार को तपती धूप में देवखरी में जमीनों की नापजोख कराई गई। रसूलपुर मझगवां व सिरधरपुर गैर एहतमाली में पहले ही जमीन की नाप हो चुकी है। तपती धूप के बीच शुक्रवार को नायब तहसीलदार की अगुवाई में लेखपालों ने तीनों गांवों के उत्तरी छोर की नापजोख की।
शुक्रवार को यूपीडा के नायब तहसीलदार आशुतोष कुमार के साथ लेखपाल रसूलपुर मझगवां, सिरधरपुर गैर एहतमाली व देवखरी गांव पहुंचे। नापजोख के दौरान मझगवां में 28 काश्तकारों के 25 गाटे (खेत) ऐसे निकले जिन पर आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का ठेकेदार जबरन कब्जा कर रहा था। कुल .923 हेक्टेयर की यह जमीन माता प्रसाद, फत्ते, मंशाराम, रामलखन व हिम्मत समेत 28 काश्तकारों की है जो गैर बैनामा की थी।
इसके बाद लेखपाल सिरधरपुर गैर एहतमाली पहुंचे। जांच में 21 गाटे (कुल क्षेत्रफल 1.022 हेक्टेअर) गैर बैनामा के पाए गए। यह अयूब, अब्बास, अशफाक, विनोद व कयूम समेत 29 काश्तकारों के हैं। लेखपालों ने देवखरी गांव पहुंचकर नापजोख की। यहां पर 23 गाटा (कुल क्षेत्रफल 1.032 हेक्टेअर) जांच में ऐसे मिले जिनका बैनामा नहीं हुआ है।
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गांव के कृष्णा सिंह, परमेश्वर, लालता व बृजेंद्र समेत 33 काश्तकारों की गैर बैनामा की जमीन आगरा एक्सप्रेस वे में फ्री में जाती पाई गई। बताया जाता है कि पहले चिन्हांकन में जो भूमि चिह्नित की गई थी उससे अलग भूमि पर अब सड़क उतर रही है। इसी कारण गैर बैनामा की जमीन पर कब्जा हो रहा है। वैसे गैर बैनामा की जमीन की नापजोख शुरू होते ही किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उनका कहना है कि अब उम्मीद जगी है कि उनकी जमीन फ्री में नहीं जाएगी।
दो गांवों में चकबंदी से नपाई में आ रही दिक्कतें
तहसील क्षेत्र के महाराजपुर व आलमऊ सरायं के 50 किसानों का कहना है कि उनकी भी भूमि सड़क में निकल रही है। मामले की जानकारी होने पर डीएम ने नापजोख कराने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वर्तमान में इन दोनों गांवों में चकबंदी चलने के कारण पेच फंस गया है। नायब तहसीलदार यूपीडा आशुतोष कुमार ने बताया कि चकबंदी विभाग को पत्र भेजा जाएगा। मांग की जाएगी कि विभागीय लेखपाल भेजें, जिससे इन दोनों गांवों के किसानों की भूमि की नापजोख कराई जा सके। अगले हफ्ते से इन दोनों गांव में जमीन की नाप हो सकती है।
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शुक्रवार को यूपीडा के नायब तहसीलदार आशुतोष कुमार के साथ लेखपाल रसूलपुर मझगवां, सिरधरपुर गैर एहतमाली व देवखरी गांव पहुंचे। नापजोख के दौरान मझगवां में 28 काश्तकारों के 25 गाटे (खेत) ऐसे निकले जिन पर आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का ठेकेदार जबरन कब्जा कर रहा था। कुल .923 हेक्टेयर की यह जमीन माता प्रसाद, फत्ते, मंशाराम, रामलखन व हिम्मत समेत 28 काश्तकारों की है जो गैर बैनामा की थी।
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इसके बाद लेखपाल सिरधरपुर गैर एहतमाली पहुंचे। जांच में 21 गाटे (कुल क्षेत्रफल 1.022 हेक्टेअर) गैर बैनामा के पाए गए। यह अयूब, अब्बास, अशफाक, विनोद व कयूम समेत 29 काश्तकारों के हैं। लेखपालों ने देवखरी गांव पहुंचकर नापजोख की। यहां पर 23 गाटा (कुल क्षेत्रफल 1.032 हेक्टेअर) जांच में ऐसे मिले जिनका बैनामा नहीं हुआ है।
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गांव के कृष्णा सिंह, परमेश्वर, लालता व बृजेंद्र समेत 33 काश्तकारों की गैर बैनामा की जमीन आगरा एक्सप्रेस वे में फ्री में जाती पाई गई। बताया जाता है कि पहले चिन्हांकन में जो भूमि चिह्नित की गई थी उससे अलग भूमि पर अब सड़क उतर रही है। इसी कारण गैर बैनामा की जमीन पर कब्जा हो रहा है। वैसे गैर बैनामा की जमीन की नापजोख शुरू होते ही किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उनका कहना है कि अब उम्मीद जगी है कि उनकी जमीन फ्री में नहीं जाएगी।
दो गांवों में चकबंदी से नपाई में आ रही दिक्कतें
तहसील क्षेत्र के महाराजपुर व आलमऊ सरायं के 50 किसानों का कहना है कि उनकी भी भूमि सड़क में निकल रही है। मामले की जानकारी होने पर डीएम ने नापजोख कराने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वर्तमान में इन दोनों गांवों में चकबंदी चलने के कारण पेच फंस गया है। नायब तहसीलदार यूपीडा आशुतोष कुमार ने बताया कि चकबंदी विभाग को पत्र भेजा जाएगा। मांग की जाएगी कि विभागीय लेखपाल भेजें, जिससे इन दोनों गांवों के किसानों की भूमि की नापजोख कराई जा सके। अगले हफ्ते से इन दोनों गांव में जमीन की नाप हो सकती है।