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Unnao News: नवजात की मौत पर हंगामा, इलाज में अनदेखी का आरोप
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उन्नाव। मके एसएनसीयू में शनिवार रात नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से मौत की हुई है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ थी, इसलिए हैलट रेफर किया गया था।
फतेहपुर चौरासी के अब्दुलापुर निवासी कपिल पांडेय की पत्नी निशा (29) का 25 सितंबर को निजी अस्पताल में प्रसव हुआ था। बच्चे की हालत नाजुक होने पर निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी। इसपर परिजन 26 सितंबर की रात बच्चे को लेकर एसएनसीयू पहुंचे और भर्ती कराया। यहां बच्चे का इलाज शुरू हुआ।
शनिवार देर रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर डॉक्टर ने हैलेट रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। इसके बाद परिजन एसएनसीयू लौटे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर सही से इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी। डॉक्टर ने जानकारी नहीं दी, मशीन पर लगाए रहे, जब बच्चे की मौत हो गई तो रेफर कर दिया। हंगामे दौरान परिजन और सुरक्षा गार्डों के बीच नोकझोंक भी हुई। ड्यूटी पर तैनात डॉ. नरेंद्र कुमार के अनुसार बच्चे हालत गंभीर थी। इसलिए उसे हॉयर सेंटर भेजना मजबूरी थी।
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परिजनों ने एसएनसीयू स्टॉफ पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। नवजात के चाचा अभिषेक पांडेय ने बताया कि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें कई बार धमकाया। आरोप है कि गार्ड रात में शराब पीकर ड्यूटी करते हैं।
वर्जन
एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर के अनुसार गंभीर हालत में परिजन बच्चे को लेकर आए थे। 26 सितंबर शाम को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, काफी प्रयास के बाद हालत में सुधार न होने पर हॉयर सेंटर रेफर किया गया था। कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ.फौजिया अंजुम, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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फतेहपुर चौरासी के अब्दुलापुर निवासी कपिल पांडेय की पत्नी निशा (29) का 25 सितंबर को निजी अस्पताल में प्रसव हुआ था। बच्चे की हालत नाजुक होने पर निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी। इसपर परिजन 26 सितंबर की रात बच्चे को लेकर एसएनसीयू पहुंचे और भर्ती कराया। यहां बच्चे का इलाज शुरू हुआ।
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शनिवार देर रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर डॉक्टर ने हैलेट रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। इसके बाद परिजन एसएनसीयू लौटे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर सही से इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी। डॉक्टर ने जानकारी नहीं दी, मशीन पर लगाए रहे, जब बच्चे की मौत हो गई तो रेफर कर दिया। हंगामे दौरान परिजन और सुरक्षा गार्डों के बीच नोकझोंक भी हुई। ड्यूटी पर तैनात डॉ. नरेंद्र कुमार के अनुसार बच्चे हालत गंभीर थी। इसलिए उसे हॉयर सेंटर भेजना मजबूरी थी।
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परिजनों ने एसएनसीयू स्टॉफ पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। नवजात के चाचा अभिषेक पांडेय ने बताया कि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें कई बार धमकाया। आरोप है कि गार्ड रात में शराब पीकर ड्यूटी करते हैं।
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एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर के अनुसार गंभीर हालत में परिजन बच्चे को लेकर आए थे। 26 सितंबर शाम को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, काफी प्रयास के बाद हालत में सुधार न होने पर हॉयर सेंटर रेफर किया गया था। कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ.फौजिया अंजुम, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल