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Unnao News: उन्नाव के आम को मिलेगी अपनी पहचान
Thu, 05 Jun 2025 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:11 AM IST
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उन्नाव। तीन साल पहले एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल उन्नाव के आम को अपनी अलग पहचान दिलाने के लिए प्रयास शुरू हुए हैं। अपने स्वाद के लिए जाना जाने वाला यहां का आम आज भी लखनऊ के मलिहाबाद के नाम का मोहताज है। डीएम के प्रयास से उन्नाव के आम को पूरे देश में पहचान दिलाने की मुहिम शुरू की गई है।
डीएम ने प्रदेश और देश के बड़े व्यापारियों और निर्यातकों से संपर्क किया है। मियागंज ब्लॉक के मवई ब्रह्मनान में निर्माणाधीन नवीन मंडी को फल मंडी के रूप में विकसित करने का फैसला हुआ है। यहां आम की ग्रेडिंग के लिए मशीन भी लगाई जाएगी। सफीपुर, हसनगंज, बांगरमऊ, मियागंज और सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक की आम पट्टी 35 हजार हेक्टेयर में फैली हुई है। हर साल औसतन 6.60 लाख मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है। इनमें दशहरी, लगड़ा, चौसा, लखनऊवा, तोता पारी, रामकेला आदि प्रजातियां प्रमुख हैं।सफीपुर, मियागंज, मोहान, फरहदपुर, बांगरमऊ में आढ़तों के माध्यम से किसान बिक्री करते हैं। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, आगरा, बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र के व्यापारी बागवानों से आम खरीदकर ले जाते हैं। खास बात यह है कि व्यापारी उन्नाव के आम को मलिहाबाद का बताकर कोलकाता, मुंबई, पंजाब, बिहार, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में बेचते हैं।
डीएम गौरांग राठी ने उन्नाव के आम को पहचान दिलाने की मुहिम शुरू की है। मंडी परिषद के विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह की ओर से बनाए गए प्लान पर काम शुरू हुआ है। उन्होंने मवई ब्रह्मनान में बन रही नवीन मंडी को फल मंडी के रूप में विकसित करने के लिए लिए जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। इस फल मंडी में आम व अन्य फलों की ग्रेडिंग के लिए आधुनिक मशीन भी लगाई जाएगी। कई व्यापारी यहां अपनी ग्रेडिंग मशीन लगाकर आम की दूसरे राज्यों में बिक्री करते हैं। विदेशों में भी निर्यात होता है।
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हाईवे-एक्सप्रेसवे का भी मिलेगा लाभ
मवई ब्रह्ममान की मंडी में व्यापारियों का आना और यहां से माल भेजना आसान होगा। यह क्षेत्र लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। बांगरमऊ तहसील में इन दोनों एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए इंटरचेंज भी बन रहा है। लखनऊ-कन्नौज हाईवे, उन्नाव-हरदोई मार्ग सहित अन्य मार्गों से जुड़ा होने से आवागमन आसान होने से व्यापारियों का रुझान भी बढ़ा है। मंडी परिषद के विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी में दुकानों और शेड का काम चल रहा है।
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50 हजार लोगों को होगा लाभ
मौजूदा समय में प्रमुख मंडियों में आम की आवक शुरू हो गई है। व्यापारी किसानों से प्रति किलो 25 से 40 रुपये में खरीद रहे हैं और प्रदेश की अन्य मंडियों में 35 से 50 रुपये किलो में बेचते हैं। निजी मंडियों में किसानों से प्रति क्रेट 10 रुपये और व्यापारी से भी 10 रुपये लिए जाते हैं। सरकारी फल मंडी बनने, फल के साइज और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग रेट तय होने और निर्यात होने से जिले के करीब 20 हजार बागवानों और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 30 हजार लोगों को लाभ होगा।
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कोट-- -- -- -- -- -
बागवानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसी को प्राथमिकता देते हुए सरकारी फल मंडी तैयार की जा रही है। व्यापारियों और निर्यातकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग भी हुई है। वह उन्नाव में व्यापार को प्राथमिकता दे रहे हैं। फलों की ग्रेडिंग मशीन से आम के अन्य फलों की भी ग्रेडिंग हो सकेगी। आने वाले दिनों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएंगी।
- गौरांग राठी, डीएम उन्नाव
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डीएम ने प्रदेश और देश के बड़े व्यापारियों और निर्यातकों से संपर्क किया है। मियागंज ब्लॉक के मवई ब्रह्मनान में निर्माणाधीन नवीन मंडी को फल मंडी के रूप में विकसित करने का फैसला हुआ है। यहां आम की ग्रेडिंग के लिए मशीन भी लगाई जाएगी। सफीपुर, हसनगंज, बांगरमऊ, मियागंज और सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक की आम पट्टी 35 हजार हेक्टेयर में फैली हुई है। हर साल औसतन 6.60 लाख मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है। इनमें दशहरी, लगड़ा, चौसा, लखनऊवा, तोता पारी, रामकेला आदि प्रजातियां प्रमुख हैं।सफीपुर, मियागंज, मोहान, फरहदपुर, बांगरमऊ में आढ़तों के माध्यम से किसान बिक्री करते हैं। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, आगरा, बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र के व्यापारी बागवानों से आम खरीदकर ले जाते हैं। खास बात यह है कि व्यापारी उन्नाव के आम को मलिहाबाद का बताकर कोलकाता, मुंबई, पंजाब, बिहार, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में बेचते हैं।
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डीएम गौरांग राठी ने उन्नाव के आम को पहचान दिलाने की मुहिम शुरू की है। मंडी परिषद के विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह की ओर से बनाए गए प्लान पर काम शुरू हुआ है। उन्होंने मवई ब्रह्मनान में बन रही नवीन मंडी को फल मंडी के रूप में विकसित करने के लिए लिए जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। इस फल मंडी में आम व अन्य फलों की ग्रेडिंग के लिए आधुनिक मशीन भी लगाई जाएगी। कई व्यापारी यहां अपनी ग्रेडिंग मशीन लगाकर आम की दूसरे राज्यों में बिक्री करते हैं। विदेशों में भी निर्यात होता है।
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हाईवे-एक्सप्रेसवे का भी मिलेगा लाभ
मवई ब्रह्ममान की मंडी में व्यापारियों का आना और यहां से माल भेजना आसान होगा। यह क्षेत्र लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। बांगरमऊ तहसील में इन दोनों एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए इंटरचेंज भी बन रहा है। लखनऊ-कन्नौज हाईवे, उन्नाव-हरदोई मार्ग सहित अन्य मार्गों से जुड़ा होने से आवागमन आसान होने से व्यापारियों का रुझान भी बढ़ा है। मंडी परिषद के विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी में दुकानों और शेड का काम चल रहा है।
50 हजार लोगों को होगा लाभ
मौजूदा समय में प्रमुख मंडियों में आम की आवक शुरू हो गई है। व्यापारी किसानों से प्रति किलो 25 से 40 रुपये में खरीद रहे हैं और प्रदेश की अन्य मंडियों में 35 से 50 रुपये किलो में बेचते हैं। निजी मंडियों में किसानों से प्रति क्रेट 10 रुपये और व्यापारी से भी 10 रुपये लिए जाते हैं। सरकारी फल मंडी बनने, फल के साइज और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग रेट तय होने और निर्यात होने से जिले के करीब 20 हजार बागवानों और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 30 हजार लोगों को लाभ होगा।
कोट
बागवानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसी को प्राथमिकता देते हुए सरकारी फल मंडी तैयार की जा रही है। व्यापारियों और निर्यातकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग भी हुई है। वह उन्नाव में व्यापार को प्राथमिकता दे रहे हैं। फलों की ग्रेडिंग मशीन से आम के अन्य फलों की भी ग्रेडिंग हो सकेगी। आने वाले दिनों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएंगी।
- गौरांग राठी, डीएम उन्नाव