फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   unnao news

पिपरमिंट की खेती से मुनाफा कमा बन गए प्रगतिशील किसान

Mon, 31 May 2021 12:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 12:46 AM IST
विज्ञापन
unnao news
बिछिया(उन्नाव)। छुट्टा मवेशियों से परेशान देवरी गांव के किसान ने धान व गेहूं की फसल नहीं उगाई। मवेशियों के नुकसान न पहुंचाने वाली फसल पिपरमिंट की खेती कर उसने अच्छा मुनाफा कमाया। अब उनकी गिनती प्रगतिशील किसानों में हो रही है।
विज्ञापन

देवरी गांव की आबादी करीब 400 है। यहां का अधिकांश किसान धान व गेहूं की खेती करते हैं। लेकिन छुट्टा मवेशी इन फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे किसानों को फसल का भरपूर लाभ नहीं मिल पाता। छुट्टा मवेशियों के आतंक से परेशान गांव के किसान मुनेश्वर राजपूत तीन सालों से गेहूं व धान की फसल न उगाकर पिपरमिंट की खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन

किसान मुनेश्वर ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के बाद मार्च के अंत में पिपरमिंट की फसल का पौधरोपण होता है। तीन से चार महीने में पिपरमिंट की फसल तैयार हो जाती है। उसे कटवाकर तेल निकाल लिया जाता है। औसतन एक बीघे खेत में 35 से 40 लीटर पिपरमिंट का तेल निकलता है। किसान वह तेल मौरावां के साथ रायबरेली जिले के बछरावां में 1400 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचते हैं। एक बीघे फसल तैयार करने में 15000 रुपये की लागत आती है। तीन महीने बाद फसल तैयार होने पर करीब 40,000 की बचत हो जाती है। उन्होंने बताया कि पिपरमिंट की फसल को छुट्टा मवेशी भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed