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जनता की नहीं परवाह, दिल की सुनते हैं : साक्षी महाराज
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नवाबगंज। सोशल मीडिया पर सांसद के लापता होने की पोस्ट वायरल होने के सवाल पर सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि ऐसी पोस्ट वायरल करने वाले लोग पूर्वाग्राही हैं। वह लापता करते रहते हैं। ऐसे लोगों की वह परवाह नहीं करते हैं। वहीं जनता क्या कहती है उन्हें इसकी परवाह नहीं है। वह दिल की सुनते हैं।
कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उनके हरिद्वार में रहने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह सांसद के साथ, साथ धर्माचार्य भी हैं। 12 साल बाद हरिद्वार में कुंभ हुआ था, इसलिए धर्माचार्य का कर्तव्य भी निभाना था। फिर भी वह चाहें जहां रहे हो लेकिन वह मन से उन्नाव की जनता के साथ थे।
जनता की समस्याओं को लेकर लगातार व मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व डीएम आदि के संपर्क में रहे थे। इसके अलावा उन्नाव-रायबरेली रोड के चौड़ीकरण के दौरान 17 हजार से अधिक पेड़ों को काटे जाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के सवाल पर सांसद ने कहा कि विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी आवश्यक है। लोगों ने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की।
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जिससे प्रकृति नाराज हुई। सबसे ज्यादा मुंबई, दिल्ली में प्रकृति को नुकसान पहुंचाया गया। जिससे सबसे ज्यादा भयावह स्थिति उन दोनों राज्यों में हुई। कहा कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय मंत्री से बात की है और नेशनल हाईवे के दोनों तरफ खाली भूमि पर सबसे ज्यादा आक्सीजन देने वाले नीम व पीपल के पौधे लगवाने को कहा है।
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कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उनके हरिद्वार में रहने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह सांसद के साथ, साथ धर्माचार्य भी हैं। 12 साल बाद हरिद्वार में कुंभ हुआ था, इसलिए धर्माचार्य का कर्तव्य भी निभाना था। फिर भी वह चाहें जहां रहे हो लेकिन वह मन से उन्नाव की जनता के साथ थे।
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जनता की समस्याओं को लेकर लगातार व मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व डीएम आदि के संपर्क में रहे थे। इसके अलावा उन्नाव-रायबरेली रोड के चौड़ीकरण के दौरान 17 हजार से अधिक पेड़ों को काटे जाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के सवाल पर सांसद ने कहा कि विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी आवश्यक है। लोगों ने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की।
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जिससे प्रकृति नाराज हुई। सबसे ज्यादा मुंबई, दिल्ली में प्रकृति को नुकसान पहुंचाया गया। जिससे सबसे ज्यादा भयावह स्थिति उन दोनों राज्यों में हुई। कहा कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय मंत्री से बात की है और नेशनल हाईवे के दोनों तरफ खाली भूमि पर सबसे ज्यादा आक्सीजन देने वाले नीम व पीपल के पौधे लगवाने को कहा है।