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आग से 40 घरों की गृहस्थी जलकर खाक
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औरास। बारासगवर थानाक्षेत्र के दूलीखेड़ा के मजरे शंभू का पुरवा में अचानक लगी आग से 35 घर जलकर राख हो गए। घंटों बाद लोगों की मदद से आग पर काबू पाया, लाखों का खाद्यान्न जलकर राख हो गया।
बारासगवर थानाक्षेत्र के दूलीखेड़ा के मजरे शंभू का पुरवा में अचानक लगी आग से 35 घर जलकर राख हो गए। घंटों बाद लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका आग के चलते लाखों का खाद्यान्न जलकर राख हो गया। आग की चपेट में कृष्णपाल, माया देवी, धर्मराज, हरपाल, मीना, लक्ष्मीनारायण ,सुशील कुमार, रूद्र पाल, अंशु, रमेश, तेज बहादुर, राम नारायण, जय पाल, महिपाल, लल्लू, विमल किशोर आदि के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
घरों में रखा खाद्यान्न कपड़े पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। मौके पर पहुंचे लेखपाल आशुतोष द्विवेदी ने नुकसान का आकलन किया। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी दयाशंकर पाठक ने लेखपाल को निर्देश दिया कि शीघ्र ही नुकसान की तुरंत रिपोर्ट भेजे। जिससे अग्निकांड के पीड़ितों को राहत राशि प्रदान की जा सके। सफीपुर गंगाखेड़ा निवासी रामचंद्र की पत्नी सुनीता रविवार शाम छप्पर के नीचे खाना बना रही थी।
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तभी बाहर बंधा पालतू मवेशी छूट गया। सुनीता मवेशी को बांधने चली गई इसी बीच चूल्हे की चिंगारी ने छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने निजी संसाधन से आग पर काबू पाया। आग से गृहस्थी का करीब एक लाख का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित ने क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी है।
उधर, अटिया गांव में रविवार दोपहर गांव के किनारे बने गुड्डू के घर में अचानक आग लग गई। ग्रामीण आग की लपटें देख जब तक कुछ बचाव करते तब तक आग ने वीरेंद्र, विरजू, वीरपाल और शिवप्यारे के घरों को भी अपने चपेट में ले लिया। आग से पांचों घरों की लाखों की गृहस्थी और दस बकरियां मर गईं।
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बारासगवर थानाक्षेत्र के दूलीखेड़ा के मजरे शंभू का पुरवा में अचानक लगी आग से 35 घर जलकर राख हो गए। घंटों बाद लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका आग के चलते लाखों का खाद्यान्न जलकर राख हो गया। आग की चपेट में कृष्णपाल, माया देवी, धर्मराज, हरपाल, मीना, लक्ष्मीनारायण ,सुशील कुमार, रूद्र पाल, अंशु, रमेश, तेज बहादुर, राम नारायण, जय पाल, महिपाल, लल्लू, विमल किशोर आदि के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
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घरों में रखा खाद्यान्न कपड़े पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। मौके पर पहुंचे लेखपाल आशुतोष द्विवेदी ने नुकसान का आकलन किया। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी दयाशंकर पाठक ने लेखपाल को निर्देश दिया कि शीघ्र ही नुकसान की तुरंत रिपोर्ट भेजे। जिससे अग्निकांड के पीड़ितों को राहत राशि प्रदान की जा सके। सफीपुर गंगाखेड़ा निवासी रामचंद्र की पत्नी सुनीता रविवार शाम छप्पर के नीचे खाना बना रही थी।
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तभी बाहर बंधा पालतू मवेशी छूट गया। सुनीता मवेशी को बांधने चली गई इसी बीच चूल्हे की चिंगारी ने छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने निजी संसाधन से आग पर काबू पाया। आग से गृहस्थी का करीब एक लाख का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित ने क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी है।
उधर, अटिया गांव में रविवार दोपहर गांव के किनारे बने गुड्डू के घर में अचानक आग लग गई। ग्रामीण आग की लपटें देख जब तक कुछ बचाव करते तब तक आग ने वीरेंद्र, विरजू, वीरपाल और शिवप्यारे के घरों को भी अपने चपेट में ले लिया। आग से पांचों घरों की लाखों की गृहस्थी और दस बकरियां मर गईं।
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हिलौली में आग से जली फसल व मौजूद ग्रामीण।- फोटो : UNNAO