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जांच के लिए अभिलेख न देने पर वीडीओ निलंबित
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उन्नाव। बांगरमऊ विकासखंड की ग्राम पंचायत चहलहा में ग्रामीणों द्वारा ग्राम निधि से कागजों पर कार्य कराकर सरकारी धन हड़पने का आरोप सचिव पर लगाया था। जांच टीम में शामिल जिला कृषि अधिकारी ने सचिव के खिलाफ जरूरी अभिलेख न देने की रिपोर्ट डीएम को दी थी। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने सचिव को निलंबित कर दिया है।
ग्राम पंचायत चहलहा के ग्रामीणों ने पूर्व में डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में सचिव पर आरोप लगाया था कि गांव में वर्ष 2015 से 2020 के बीच ग्राम निधि खाते से नाली, सीसी रोड व खड़ंजा आदि निर्माण कार्य के नाम पर सरकारी धन निकाला गया। जबकि असलियत में मौके पर काम न कराकर कागजों पर कराए गए। इस पर डीएम रवींद्र कुमार ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी।
टीम में जिला कृषि अधिकारी व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को शामिल किया गया था। कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कुछ समय पहले डीएम को रिपोर्ट दी थी कि गांव में तैनात सचिव मनोज कुमार से जब ग्राम निधि से कराए गए कथित विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे गए तो वह लगातार गुमराह करते रहे। इसी कारण जांच संभव नहीं हो पाई। डीएम ने इसे गंभीरता से लिया और डीपीआरओ को सचिव के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
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जिला पंचायतराज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि कृषि अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सचिव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित सचिव मनोज कुमार को बांगरमऊ ब्लाक में ही अटैच कर दिया गया है। साथ ही अन्य सचिवों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि जांच अधिकारी द्वारा मांगे जाने वाले अभिलेख जरूर उपलब्ध कराएं। इसमें यदि लापरवाही की गई तो निलंबन के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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ग्राम पंचायत चहलहा के ग्रामीणों ने पूर्व में डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में सचिव पर आरोप लगाया था कि गांव में वर्ष 2015 से 2020 के बीच ग्राम निधि खाते से नाली, सीसी रोड व खड़ंजा आदि निर्माण कार्य के नाम पर सरकारी धन निकाला गया। जबकि असलियत में मौके पर काम न कराकर कागजों पर कराए गए। इस पर डीएम रवींद्र कुमार ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी।
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टीम में जिला कृषि अधिकारी व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को शामिल किया गया था। कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कुछ समय पहले डीएम को रिपोर्ट दी थी कि गांव में तैनात सचिव मनोज कुमार से जब ग्राम निधि से कराए गए कथित विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे गए तो वह लगातार गुमराह करते रहे। इसी कारण जांच संभव नहीं हो पाई। डीएम ने इसे गंभीरता से लिया और डीपीआरओ को सचिव के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
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जिला पंचायतराज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि कृषि अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सचिव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित सचिव मनोज कुमार को बांगरमऊ ब्लाक में ही अटैच कर दिया गया है। साथ ही अन्य सचिवों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि जांच अधिकारी द्वारा मांगे जाने वाले अभिलेख जरूर उपलब्ध कराएं। इसमें यदि लापरवाही की गई तो निलंबन के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।