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Unnao News: निजी अस्पतालों और लैब को देना होगा फ्लू वाले मरीजों का ब्यौरा
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उन्नाव। जनपद के सात मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। रोजाना किसी न किसी मरीज में संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने अब निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों को फ्लू जैसे लक्षण व गंभीर श्वसन संक्रमण वाले मरीजों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में स्वाइन फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। लगातार एचवनएनवन से संक्रमित पांच मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों में हाईग्रेड फीवर सबसे आम लक्षण होता है। कई बार मरीज इसे सामान्य बुखार मानकर इलाज के लिए निजी अस्पताल का रुख करते हैं। यहां डॉक्टर प्राइवेट लैब में जांच कराते हैं जिसकी रिपोर्ट आने में कई बार 24 से 28 घंटे तक का समय बीत जाता है। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों के भी बीमार होने का खतरा बना रहता है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पताल व लैब से स्वाइन फ्लू व गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के संभावित लक्षण वाले मरीजों के मामलों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इससे विभाग आसानी से कांटैक्ट ट्रेसिंग कर पाएगा और संक्रमण के प्रसार पर रोक लगेगी।
वर्जन....
इन्फ्लुएंजा और मौसमी फ्लू की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों से ऐसे संभावित लक्षण वाले मरीजों की सूचना मांगी गई है। इससे संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकेगा।
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डॉ. अजय शर्मा, सीएमओ।
इंसेट
अलग होगी व्यवस्था
विभागीय जानकारों के मुताबिक संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के लिए निजी अस्पताल व जांच केंद्रों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर जिन क्षेत्रों में ऐसे संभावित मरीजों की संख्या अधिक होगी वहां खांसी-बुखार के मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर व उपचार की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
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जनपद में स्वाइन फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। लगातार एचवनएनवन से संक्रमित पांच मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों में हाईग्रेड फीवर सबसे आम लक्षण होता है। कई बार मरीज इसे सामान्य बुखार मानकर इलाज के लिए निजी अस्पताल का रुख करते हैं। यहां डॉक्टर प्राइवेट लैब में जांच कराते हैं जिसकी रिपोर्ट आने में कई बार 24 से 28 घंटे तक का समय बीत जाता है। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों के भी बीमार होने का खतरा बना रहता है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पताल व लैब से स्वाइन फ्लू व गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के संभावित लक्षण वाले मरीजों के मामलों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इससे विभाग आसानी से कांटैक्ट ट्रेसिंग कर पाएगा और संक्रमण के प्रसार पर रोक लगेगी।
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वर्जन....
इन्फ्लुएंजा और मौसमी फ्लू की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों से ऐसे संभावित लक्षण वाले मरीजों की सूचना मांगी गई है। इससे संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकेगा।
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डॉ. अजय शर्मा, सीएमओ।
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अलग होगी व्यवस्था
विभागीय जानकारों के मुताबिक संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के लिए निजी अस्पताल व जांच केंद्रों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर जिन क्षेत्रों में ऐसे संभावित मरीजों की संख्या अधिक होगी वहां खांसी-बुखार के मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर व उपचार की व्यवस्था भी कराई जाएगी।