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Unnao News: न मरीज और न ही डॉक्टर लगा रहे मॉस्क
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फोटो-29- महिला अस्पताल में बगैर मास्क के मौजूद महिलाएं। संवाद
- फोटो : 1
उन्नाव। जिले में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक आठ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और डब्लूएचओ ने लोगों से मास्क, दूरी और स्वच्छता बरतने की अपील की है। जिला अस्पताल आने वाले मरीज इन निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
संक्रामक बीमारियों के प्रकोप से अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सोमवार को जिला अस्पताल में 1643 मरीजों ने पंजीकरण कराया। पंजीकरण काउंटर पर भारी भीड़ रही। ओपीडी, डायग्नोस्टिक और ट्रामा सेंटर का भी यही हाल था।
भीड़ में किसी ने भी मास्क नहीं लगाया और न ही लोगों से दूरी बनाए रखी। महिला अस्पताल में बैठने की व्यवस्था न होने से महिलाएं गैलरी में मौजूद थीं। डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग ने मास्क, हाथ धोने और भीड़ से बचने की अपील की है। संक्रमित मरीज और उनके परिजन भी बगैर मास्क के अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे सामान्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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वर्जन...
स्वाइन फ्लू (एचवनएनवन) एक संक्रामक बीमारी है। जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने व संपर्क में आने से फैलती है। बारिश के मौसम में हवा में नमी अधिक होती है। इससे संक्रमित व्यक्ति के एयर ड्रॉपलेट्स में मौजूद वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है। ऐसे में लोगों को मास्क लगाने, सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। -डॉ. शोभित अग्निहोत्री,चेस्ट रोग विशेषज्ञ।
डाक्टर ही कर रहे गाइडलाइन नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है। वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही मास्क और सैनेटाइजर से दूरी बना रहे हैं। यह हाल तब है जब अस्पताल में संक्रामक बीमारियों की भीड़ उमड़ रही है और आठ लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं दो संक्रमित मरीजों की अस्पताल में मौत भी हो गई है।
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संक्रामक बीमारियों के प्रकोप से अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सोमवार को जिला अस्पताल में 1643 मरीजों ने पंजीकरण कराया। पंजीकरण काउंटर पर भारी भीड़ रही। ओपीडी, डायग्नोस्टिक और ट्रामा सेंटर का भी यही हाल था।
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भीड़ में किसी ने भी मास्क नहीं लगाया और न ही लोगों से दूरी बनाए रखी। महिला अस्पताल में बैठने की व्यवस्था न होने से महिलाएं गैलरी में मौजूद थीं। डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग ने मास्क, हाथ धोने और भीड़ से बचने की अपील की है। संक्रमित मरीज और उनके परिजन भी बगैर मास्क के अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे सामान्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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स्वाइन फ्लू (एचवनएनवन) एक संक्रामक बीमारी है। जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने व संपर्क में आने से फैलती है। बारिश के मौसम में हवा में नमी अधिक होती है। इससे संक्रमित व्यक्ति के एयर ड्रॉपलेट्स में मौजूद वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है। ऐसे में लोगों को मास्क लगाने, सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। -डॉ. शोभित अग्निहोत्री,चेस्ट रोग विशेषज्ञ।
डाक्टर ही कर रहे गाइडलाइन नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है। वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही मास्क और सैनेटाइजर से दूरी बना रहे हैं। यह हाल तब है जब अस्पताल में संक्रामक बीमारियों की भीड़ उमड़ रही है और आठ लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं दो संक्रमित मरीजों की अस्पताल में मौत भी हो गई है।