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Unnao News: भाभी की हत्या में देवर को सात साल की कैद
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उन्नाव। चारपाई की पाटी से भाभी पर हमला करने के आरोपी को न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। उसे सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
फतेहपुर चौरासी निवासी फागूराम ने 28 सितंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि 12 साल पहले बेटी रेनू की शादी अंबेडकर नगर जनपद के लगड़ी आलापुर निवासी रामकेवल के साथ की थी। एक बेटा भी है। शादी के कुछ दिन बाद बेटी दामाद में अनबन होने लगी और तलाक हो गया। कुछ साल बाद उसने रेनू का विवाह फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के दर्शनखेड़ा गांव के मजरा परशुरामपुर निवासी भगवानचंद्र के साथ कर दिया।
27 सितंबर 2022 को भगवानचंद्र ने उन्हें फोन कर बताया कि रेनू मांगलिक कार्यक्रम में मायके आने की तैयारी कर रही थी। इसका भाई अजय ने विरोध किया। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और अजय ने चारपाई की पाटी से रेनू पर हमला कर दिया। घायल रेनू को इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
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वह बेटी की ससुराल दर्शनखेड़ा पहुंचे तो उसका शव घर के बरामदे में रखा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। अजय का दोष साबित होने पर न्यायाधीश महेंद्र कुमार सिंह ने सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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फतेहपुर चौरासी निवासी फागूराम ने 28 सितंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि 12 साल पहले बेटी रेनू की शादी अंबेडकर नगर जनपद के लगड़ी आलापुर निवासी रामकेवल के साथ की थी। एक बेटा भी है। शादी के कुछ दिन बाद बेटी दामाद में अनबन होने लगी और तलाक हो गया। कुछ साल बाद उसने रेनू का विवाह फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के दर्शनखेड़ा गांव के मजरा परशुरामपुर निवासी भगवानचंद्र के साथ कर दिया।
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27 सितंबर 2022 को भगवानचंद्र ने उन्हें फोन कर बताया कि रेनू मांगलिक कार्यक्रम में मायके आने की तैयारी कर रही थी। इसका भाई अजय ने विरोध किया। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और अजय ने चारपाई की पाटी से रेनू पर हमला कर दिया। घायल रेनू को इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
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वह बेटी की ससुराल दर्शनखेड़ा पहुंचे तो उसका शव घर के बरामदे में रखा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। अजय का दोष साबित होने पर न्यायाधीश महेंद्र कुमार सिंह ने सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।