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Unnao News: प्रधान के पति सहित तीन पर बीएलओ को धमकी देने की प्राथमिकी
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सफीपुर। बीएलओ ने ग्राम प्रधान के पति सहित तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली में गाली-गलौज और धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। बीएलओ का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति और उनके साथ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंचायत निर्वाचन नामावली में नाम बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हसनगंज तहसील के सिद्धनाथ गांव के बीएलओ संतोष कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि ग्राम प्रधान राखी चौरसिया के पति सरवन चौरसिया और उनके सहयोगी श्यामसरन और अनमोल मिश्रा ने ग्राम पंचायत निर्वाचन सूची में फर्जी तरीके से नाम बढ़वाने का प्रयास किया। अभिलेख फर्जी होने के बाद भी लगातार नाम बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। बताया कि 27 जनवरी को शाम करीब तीन बजे नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए थे। मैंने और सुपरवाइजर ने सत्यापन किया तो आवेदनों में कई कमियां मिलीं। इनमें आयु प्रमाणपत्र फर्जी और निवास के प्रस्तुत दस्तावेज में परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति का फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का प्रयोग पाया गया। 29 जनवरी और चार फरवरी को शिकायती पत्र देकर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया था।
दूसरी ओर प्रधान के पति सरवन चौरसिया ने डीएम को पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव में तैनात बीएलओ संतोष सिंह ने 60 वोट काट दिए हैं। शिकायत संज्ञान में लेते हुए डीएम गौरांग राठी ने हसनगंज नायब तहसीलदार प्रीति सिंह, सुपरवाइजर आशीष अवस्थी, एडीओ पंचायत प्रवीण दुबे, ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र श्रीवास्तव, पंचायत सचिव अभिषेक वर्मा को 10 फरवरी को जांच करने भेजा था। नायब तहसीलदार ने सभी काटे लोगों के नाम सही दस्तावेज के साथ जोड़ने का आश्वासन दिया था। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ग्राम प्रधान के पति सहित तीन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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हसनगंज तहसील के सिद्धनाथ गांव के बीएलओ संतोष कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि ग्राम प्रधान राखी चौरसिया के पति सरवन चौरसिया और उनके सहयोगी श्यामसरन और अनमोल मिश्रा ने ग्राम पंचायत निर्वाचन सूची में फर्जी तरीके से नाम बढ़वाने का प्रयास किया। अभिलेख फर्जी होने के बाद भी लगातार नाम बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। बताया कि 27 जनवरी को शाम करीब तीन बजे नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए थे। मैंने और सुपरवाइजर ने सत्यापन किया तो आवेदनों में कई कमियां मिलीं। इनमें आयु प्रमाणपत्र फर्जी और निवास के प्रस्तुत दस्तावेज में परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति का फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का प्रयोग पाया गया। 29 जनवरी और चार फरवरी को शिकायती पत्र देकर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया था।
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दूसरी ओर प्रधान के पति सरवन चौरसिया ने डीएम को पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव में तैनात बीएलओ संतोष सिंह ने 60 वोट काट दिए हैं। शिकायत संज्ञान में लेते हुए डीएम गौरांग राठी ने हसनगंज नायब तहसीलदार प्रीति सिंह, सुपरवाइजर आशीष अवस्थी, एडीओ पंचायत प्रवीण दुबे, ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र श्रीवास्तव, पंचायत सचिव अभिषेक वर्मा को 10 फरवरी को जांच करने भेजा था। नायब तहसीलदार ने सभी काटे लोगों के नाम सही दस्तावेज के साथ जोड़ने का आश्वासन दिया था। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ग्राम प्रधान के पति सहित तीन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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