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Unnao News: 75.86 करोड़ से तीन मार्ग होंगे चौड़े
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फोटो-5-लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग के बीच के इसी पांच किमी हिस्से का होगा चौड़ीकरण। स्त्रोत: ग्र
- फोटो : mathura
उन्नाव। जिले की तीन तहसीलों बांगरमऊ, मोहान व सदर के तीन मार्गों को सात मीटर चौड़ा कराने के लिए 75.86 करोड़ के भेजे गए प्रस्ताव को शासन की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने मंजूरी दे दी है। वर्तमान में इनकी चौड़ाई लगभग साढ़े तीन मीटर है। मार्ग कम चौड़े होने से अक्सर जाम लगता है और लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग पर खर्च होंगे 16.55 करोड़
आवागमन की दृष्टि से यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से वाहन सवार कई अन्य जनपदों लखनऊ, कानपुर के लिए आते-जाते हैं। मार्ग पर किमी 31 से 36 के बीच लगभग 5.8 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई वर्तमान में साढ़े तीन मीटर है। कम चौड़ाई होने से अक्सर मार्ग पर जाम लगता है। जिससे लोगों को परेशानी होती है। इसी कारण इस मार्ग को सात मीटर चौड़ा करने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने 16.55 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। अब शासन ने इसे मंजूरी दे दी है।
सात मीटर चौड़ा होगा औरास-रहीमाबाद मार्ग
औरास-रहीमाबाद मार्ग भी दो जिलों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। इस मार्ग के जरिए लोग संडीला हरदोई निकलते हैं। इसके अलावा बिठूर परियर से कानपुर तक पहुंचा जा सकता है। इसको देखते हुए आवागमन की दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण मार्ग है। 10.60 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई करीब साढ़े तीन मीटर है। मार्ग के सात मीटर चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 32.52 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था। मंजूरी मिलने के बाद अब मार्ग के जल्द चौड़ा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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चौड़ीकरण से सुगम होगा रऊ-माखी मार्ग पर आवागमन
15 किमी लंबा रऊ-माखी-रसूलाबाद मार्ग काफी ज्यादा खराब है। गड्ढों में वाहनों के फंसने और कम चौड़ा होने से जाम लगता है।जबकि यह मार्ग एक तरफ कानपुर और दूसरी ओर लखनऊ को जोड़ता है। इसके अलावा आसपास के 50 गांवों की करीब एक लाख की आबादी भी इससे आवागमन करती है। लोक निर्माण विभाग 26.79 करोड़ से इस मार्ग को सात मीटर चौड़ा करेगा। डामर की नई परत बिछने से रास्ता गड्ढामुक्त को जाएगा और लोगों को आने जाने में फायदा होगा।
इन तीन मार्गों को सात मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया था। शासनस्तर पर ईएफसी की मंजूरी मिल गई है। अब शासनादेश जारी होने का इंतजार है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। -सुबोध कुमार, एक्सईएन निर्माण खंड पीडब्ल्यूडी।
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लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग पर खर्च होंगे 16.55 करोड़
आवागमन की दृष्टि से यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से वाहन सवार कई अन्य जनपदों लखनऊ, कानपुर के लिए आते-जाते हैं। मार्ग पर किमी 31 से 36 के बीच लगभग 5.8 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई वर्तमान में साढ़े तीन मीटर है। कम चौड़ाई होने से अक्सर मार्ग पर जाम लगता है। जिससे लोगों को परेशानी होती है। इसी कारण इस मार्ग को सात मीटर चौड़ा करने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने 16.55 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। अब शासन ने इसे मंजूरी दे दी है।
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सात मीटर चौड़ा होगा औरास-रहीमाबाद मार्ग
औरास-रहीमाबाद मार्ग भी दो जिलों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। इस मार्ग के जरिए लोग संडीला हरदोई निकलते हैं। इसके अलावा बिठूर परियर से कानपुर तक पहुंचा जा सकता है। इसको देखते हुए आवागमन की दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण मार्ग है। 10.60 किमी लंबे इस मार्ग की चौड़ाई करीब साढ़े तीन मीटर है। मार्ग के सात मीटर चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 32.52 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था। मंजूरी मिलने के बाद अब मार्ग के जल्द चौड़ा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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चौड़ीकरण से सुगम होगा रऊ-माखी मार्ग पर आवागमन
15 किमी लंबा रऊ-माखी-रसूलाबाद मार्ग काफी ज्यादा खराब है। गड्ढों में वाहनों के फंसने और कम चौड़ा होने से जाम लगता है।जबकि यह मार्ग एक तरफ कानपुर और दूसरी ओर लखनऊ को जोड़ता है। इसके अलावा आसपास के 50 गांवों की करीब एक लाख की आबादी भी इससे आवागमन करती है। लोक निर्माण विभाग 26.79 करोड़ से इस मार्ग को सात मीटर चौड़ा करेगा। डामर की नई परत बिछने से रास्ता गड्ढामुक्त को जाएगा और लोगों को आने जाने में फायदा होगा।
इन तीन मार्गों को सात मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया था। शासनस्तर पर ईएफसी की मंजूरी मिल गई है। अब शासनादेश जारी होने का इंतजार है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। -सुबोध कुमार, एक्सईएन निर्माण खंड पीडब्ल्यूडी।

फोटो-5-लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग के बीच के इसी पांच किमी हिस्से का होगा चौड़ीकरण। स्त्रोत: ग्र- फोटो : mathura

फोटो-5-लखनऊ-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग के बीच के इसी पांच किमी हिस्से का होगा चौड़ीकरण। स्त्रोत: ग्र- फोटो : mathura