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Unnao News: हाईवे और एक्सप्रेसवे से खुल रहे विकास और रोजगार के रास्ते
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फोटो-16-कानपुर-लखनऊ के बीच बनकर तैयार हुआ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे। स्रोत: पीएनसी
उन्नाव/सोनिक। हाईवे और एक्सप्रेसवे जिले में विकास के नए रास्ते खोल रहे हैं। महानगर कानपुर और राजधानी लखनऊ के बीच दबा जिला अब तेजी से विकसित हो रहा है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के बाद उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे का नवीनीकरण, गंगा एक्सप्रेसवे, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और कानपुर-उन्नाव के बीच बन रही सर्किल रोड के चलते देश और विदेश की बड़ी कंपनियों ने हजारों करोड़ का निवेश शुरू किया है।
प्रदेश सरकार ने उन्नाव को राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में शामिल किया है। इससे औद्योगिक, रीयल एस्टेट सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ा है। सराय कटियान के पास 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा विकसित हो रहा है। देश और विदेश की कई कंपनियों ने यहां उद्योगों की स्थापना भी शुरू कर दी है। अनुमान है कि औद्योगिक गलियारे से जिले के करीब एक लाख लोगों को परोक्ष और अपरोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का जल्द होगा लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज तक बनकर तैयार हुए गंगा एक्सप्रेसवे, उन्नाव जिले की छह तहसीलों के 76 गांवों से निकल रहा है। जिले में इसकी लंबाई 105 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेसवे का 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री लोकार्पण कर सकते हैं। यह एक्सप्रेसवे जिले की पुरवा तहसील के चार, बांगरमऊ के 11, बीघापुर (पाटन) के 19, हसनगंज के सात, सदर तहसील के 15 और सफीपुर के 20 गांवों से होकर निकल रहा है। इस एक्सप्रेसवे की जिले के लिए उपयोगी बनाने के लिए मुर्तजानगर के पास लखनऊ-कानपुर हाईवे से भी जोड़ा गया है।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भरेंगे फर्राटा
लखनऊ-कानपुर के बीच बने एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) की उन्नाव जिले में लंबाई 45.3 किलोमीटर है। इसका भी निर्माण पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही इसे भी जनता को समर्पित करेंगे। 64 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का काम दो भाग में कराया गया है। 18.5 किमी का फेज-1 लखनऊ के शहीद पथ से कानपुर-लखनऊ हाईवे के बनी कस्बा तक है। वहीं 45.3 किलोमीटर हिस्सा उन्नाव जिले में है। इससे कानपुर-लखनऊ की दूरी 45 मिनट में तय होने का दावा किया जा रहा है।
जाम से निजात दिलाएगी उन्नाव-कानपुर आउटर रिंग रोड
उन्नाव-कानपुर-कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड की जिले में लंबाई 27.900 किलोमीटर है। यह सड़क जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जा रहा है। इस रिंग रोड के बनने से वाहन शहर के बाहर से ही कानपुर, लखनऊ, कानपुर देहात सहित अन्य जनपदों को जा सकेंगे। इससे शहर में जाम नहीं लगेगा
औद्योगिक गलियारे में लगेंगे दो हजार उद्योग
जिला औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा, एक हजार हेक्टेयर में औद्योगिक हब बन रहा है। औद्योगिक गलियारे को विकसित करने के लिए 186 करोड़ रुपये से सड़क, बिजली, पानी आदि का आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। जिले के एससीआर में शामिल होने के बाद औद्योगिक हब और औद्योगिक गलियारे में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग, वेयर हाउस, शिक्षण संस्थान, कृषि व पशु पालन आधारित उद्यम स्थापित होने की प्रक्रिया में हैं।
पोलैंड की कंपनी भी लगा रही उद्यम पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक उन्नाव में कैन निर्माण का संयंत्र लगाएगी। इसमें शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बीयर आदि के कैन बनेंगे। कंपनी 65 एकड़ में उद्योग लगाने पर 1300 करोड़ का निवेश करेगी। पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी देगा। प्लांट लगाने के लिए कंपनी को जमीन आवंटन पत्र दे दिया गया है।
यूएई का शाही परिवार भी लगा रहा उद्योग
यूएई का शाही परिवार भी 4000 करोड़ रुपये से उद्योग लगा रहा है। स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी मिलकर यहां फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट बनाएगा।
जिले में आए ये उद्यम
-आरएचएल प्रोफाइल्स लिमिटेड-499 करोड़ -चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल-2000 करोड़ -राजा राव रामबक्स सिंह शिक्षा समिति-400 करोड़ -मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड-150 करोड़ -जय जगदंबा मेटलॉयज लिमिटेड-150 करोड़ -प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-650 करोड़ -एमएलएमपी फूड इंडस्ट्रीज 100 करोड़ -वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड 84 करोड़ -एओई एक्सपोर्ट-60 करोड़ -स्पेस प्राइवेट लिमिटेड-50 करोड़ -हिलेरी फ्लफ लिमिटेड-30 करोड़ वर्जन...
अगले चार से पांच साल में उन्नाव प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब में शुमार होगा। जिला प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में जाना जाएगा। हाईवे, एक्सप्रेसवे बनने से प्रदेश व देश के कई राज्यों से कनेक्टिविटी। लखनऊ व कानपुर में हवाई अड्डा की सुविधा, सोनिक में रेलवे यार्ड से माल ढुलाई की सुविधा इसकी प्रमुख वजह है। वन ट्रिलियन डॉलर सेल (ओटीडी सेल) जिले में अधिक से अधिक निवेश की संभावनाएं तलाशेगी और निवेशकों की मदद करेगी।
-गौरांग राठी, जिलाधिकारी उन्नाव
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प्रदेश सरकार ने उन्नाव को राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में शामिल किया है। इससे औद्योगिक, रीयल एस्टेट सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ा है। सराय कटियान के पास 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा विकसित हो रहा है। देश और विदेश की कई कंपनियों ने यहां उद्योगों की स्थापना भी शुरू कर दी है। अनुमान है कि औद्योगिक गलियारे से जिले के करीब एक लाख लोगों को परोक्ष और अपरोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
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गंगा एक्सप्रेसवे का जल्द होगा लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज तक बनकर तैयार हुए गंगा एक्सप्रेसवे, उन्नाव जिले की छह तहसीलों के 76 गांवों से निकल रहा है। जिले में इसकी लंबाई 105 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेसवे का 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री लोकार्पण कर सकते हैं। यह एक्सप्रेसवे जिले की पुरवा तहसील के चार, बांगरमऊ के 11, बीघापुर (पाटन) के 19, हसनगंज के सात, सदर तहसील के 15 और सफीपुर के 20 गांवों से होकर निकल रहा है। इस एक्सप्रेसवे की जिले के लिए उपयोगी बनाने के लिए मुर्तजानगर के पास लखनऊ-कानपुर हाईवे से भी जोड़ा गया है।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भरेंगे फर्राटा
लखनऊ-कानपुर के बीच बने एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) की उन्नाव जिले में लंबाई 45.3 किलोमीटर है। इसका भी निर्माण पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही इसे भी जनता को समर्पित करेंगे। 64 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का काम दो भाग में कराया गया है। 18.5 किमी का फेज-1 लखनऊ के शहीद पथ से कानपुर-लखनऊ हाईवे के बनी कस्बा तक है। वहीं 45.3 किलोमीटर हिस्सा उन्नाव जिले में है। इससे कानपुर-लखनऊ की दूरी 45 मिनट में तय होने का दावा किया जा रहा है।
जाम से निजात दिलाएगी उन्नाव-कानपुर आउटर रिंग रोड
उन्नाव-कानपुर-कानपुर देहात और मंधना को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड की जिले में लंबाई 27.900 किलोमीटर है। यह सड़क जिले के 30 गांवों से होकर निकल रही है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र के पास आजाद मार्ग तिराहा पर एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ा जा रहा है। इस रिंग रोड के बनने से वाहन शहर के बाहर से ही कानपुर, लखनऊ, कानपुर देहात सहित अन्य जनपदों को जा सकेंगे। इससे शहर में जाम नहीं लगेगा
औद्योगिक गलियारे में लगेंगे दो हजार उद्योग
जिला औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा, एक हजार हेक्टेयर में औद्योगिक हब बन रहा है। औद्योगिक गलियारे को विकसित करने के लिए 186 करोड़ रुपये से सड़क, बिजली, पानी आदि का आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। जिले के एससीआर में शामिल होने के बाद औद्योगिक हब और औद्योगिक गलियारे में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग, वेयर हाउस, शिक्षण संस्थान, कृषि व पशु पालन आधारित उद्यम स्थापित होने की प्रक्रिया में हैं।
पोलैंड की कंपनी भी लगा रही उद्यम पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक उन्नाव में कैन निर्माण का संयंत्र लगाएगी। इसमें शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बीयर आदि के कैन बनेंगे। कंपनी 65 एकड़ में उद्योग लगाने पर 1300 करोड़ का निवेश करेगी। पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी देगा। प्लांट लगाने के लिए कंपनी को जमीन आवंटन पत्र दे दिया गया है।
यूएई का शाही परिवार भी लगा रहा उद्योग
यूएई का शाही परिवार भी 4000 करोड़ रुपये से उद्योग लगा रहा है। स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी मिलकर यहां फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट बनाएगा।
जिले में आए ये उद्यम
-आरएचएल प्रोफाइल्स लिमिटेड-499 करोड़ -चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल-2000 करोड़ -राजा राव रामबक्स सिंह शिक्षा समिति-400 करोड़ -मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड-150 करोड़ -जय जगदंबा मेटलॉयज लिमिटेड-150 करोड़ -प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-650 करोड़ -एमएलएमपी फूड इंडस्ट्रीज 100 करोड़ -वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड 84 करोड़ -एओई एक्सपोर्ट-60 करोड़ -स्पेस प्राइवेट लिमिटेड-50 करोड़ -हिलेरी फ्लफ लिमिटेड-30 करोड़ वर्जन...
अगले चार से पांच साल में उन्नाव प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब में शुमार होगा। जिला प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में जाना जाएगा। हाईवे, एक्सप्रेसवे बनने से प्रदेश व देश के कई राज्यों से कनेक्टिविटी। लखनऊ व कानपुर में हवाई अड्डा की सुविधा, सोनिक में रेलवे यार्ड से माल ढुलाई की सुविधा इसकी प्रमुख वजह है। वन ट्रिलियन डॉलर सेल (ओटीडी सेल) जिले में अधिक से अधिक निवेश की संभावनाएं तलाशेगी और निवेशकों की मदद करेगी।
-गौरांग राठी, जिलाधिकारी उन्नाव

फोटो-16-कानपुर-लखनऊ के बीच बनकर तैयार हुआ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे। स्रोत: पीएनसी