फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   unnao news

Unnao News: वीडियो देखने के काम आ रहे टैबलेट

Sun, 05 Oct 2025 01:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 01:35 AM IST
विज्ञापन
unnao news
फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद - फोटो : mathura
उन्नाव। प्राइमरी स्कूलों में प्रधान शिक्षकों/इंचार्ज शिक्षकों को दिए गए ज्यादातर टैबलेट खराब हो गए हैं। जो बचे हैं या तो धूल फांक रहे हैं या फिर वीडियो देखने के काम आ रहे हैं। शिक्षक इनका प्रयोग नहीं कर रहे हैं। स्कूल के कामकाज रजिस्टर में ही दर्ज कर रहे हैं। यही कारण हैं कि न तो शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज हो पा रही है और न स्कूलों के कामकाज फीड हो रहे हैं।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की लेटलतीफी रोकने, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और मिड-डे मील जैसी योजनाओं में घपला रोकने के लिए शासन ने जिले के 4372 शिक्षकों को 5.59 करोड़ से टैबलेट दिए थे लेकिन लेटलतीफी और मनमानी पर बंदिशें लगते देख शिक्षकों ने शुरुआत से ही इनके प्रयोग में आनाकानी शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि उपयोग में आने से पहले ही एक हजार से अधिक टैबलेट खराब हो चुके हैं। जो बचे हैं वह भी धूल खा रहे हैं तो कहीं केवल वीडियो देखने के काम आ रहे हैं।
विज्ञापन

16 नवंबर 2023 को प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों के सभी 4372 प्रधान शिक्षकों/इंचार्ज शिक्षकों को टैबलेट दिए गए थे। शिक्षकों ने ऑनलाइन व्यवस्था का खुलकर विरोध किया। बीआरसी में धरना-प्रदर्शन भी किया। तर्क दिए कि सरकार ने सिम उपलब्ध नहीं कराए। ऐसे में वह अपने रुपये खर्च कर टैबलेट का प्रयोग नहीं करेंगे। इसकी वजह से शुरुआत के पांच महीनों में मार्च 2024 तक जिले में केवल 2.31 फीसदी छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो सकी और केवल 1.81 फीसदी एमडीएम की सूचना ऑनलाइन हो सकी थी। हालांकि बाद में शासन ने शिक्षकों को नेट रिर्चाज कराने की भी व्यवस्था की लेकिन, इसके उपयोग से लेटलतीफी और खामियां उजागर होते देख शिक्षकों ने बैटरी खराब होने से चार्ज न होने, तो किसी ने विंडो करप्ट होने, तो किसी ने क्षेत्र में इंटरनेट की समस्या बताकर इनके उपयोग से किनारा कर लिया। पड़ताल में सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर धूल की मोटी परत लिपटी मिली, जो उसके सालों से उपयोग न होने की गवाही दे रही थी। औरास के परिषदीय स्कूल में शिक्षक उपस्थिति व अन्य सूचना का ब्योरा टैबलेट के बजाय पुराने तरीके से रजिस्टर में दर्ज करते दिखे। खादिमअली खेड़ा परिषदीय स्कूल में शिक्षक छात्राओं को टैबलेट में वीडियो दिखाते नजर आए। सफीपुर के जटपुरवा प्राथमिक स्कूल में टैबलेट से छात्र मिशन शक्ति के वीडियो देखते मिले। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुजी की बहाने बाजी
कुछ शिक्षकों का कहना है टैबलेट 3-जी मॉडल के हैं और इस समय 5-जी चल रहा है। शुरुआत में विरोध के चलते टैबलेट किनारे रख दिए। दोबारा चार्ज करना चाहा तो कोई चार्जिंग नहीं ले रहा तो किसी में सॉफ्टवेयर अपडेट मांग रहा है। शिक्षकों का दावा है कि जिले में दिए गए 25 से 30 फीसदी टैबलेट खराब हो चुके हैं।

ये व्यवस्था होनी थी ऑनलाइन

शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की उपस्थिति, निपुण परीक्षा, मिड-डे मील का ब्योरा, स्टॉक रजिस्टर, पत्र व्यवहार रजिस्टर, संकुल संगोष्ठी का ब्योरा, शिक्षक-अभिभावक बैठक, आवागमन रजिस्टर, चेक रजिस्टर, स्कूल की खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों का ब्योरा, छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से रोचक तरीके से पढ़ाने। शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों तक पहुंच प्रदान करने नवीनतम शिक्षण विधियों से जुड़ने की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी थी।

--

शिक्षक नेताओं के तर्क
बिना प्रशिक्षण दे दिए टैबलेट
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजीव संखवार ने बताया कि टैबलेट से सिर्फ असुविधा और अविश्वास महसूस हो रहा है। बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और नेटवर्क सुविधा दिए टैबलेट दे दिए गए। व्यक्तिगत डेटा और लोकेशन तक ऐप्स से पहुंच संभव है, जो कि निजता का उल्लंघन है।स्कूल पहुंचने में देरी पर उपस्थिति का नहीं है विकल्प

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन जिला महामंत्री प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि सरकार टैबलेट को सिर्फ निगरानी और रिपोर्टिंग टूल की तरह देख रही है। बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से छात्रों और कई बार शिक्षकों को भी विद्यालय पहुंचने में देर हो जाती है। टैबलेट में देर से आने वाले छात्रों की उपस्थिति का विकल्प नहीं है।

कुछ स्कूलों के खराब हैं टैबलेट
डीसी प्रशिक्षण शिवम कुमार ने बताया कि जिन स्कूलों में टैबलेट भेजे गए थे वहां प्रयोग हो रहे हैं। प्रेरणा पोर्टल की गतिविधि इसी से की जा रही है। टैबलेट में सिम रिचार्ज के लिए कंपोजिट ग्रांट से प्रति टैबलेट 170 रुपये दिए जा रहे हैं। जिन स्कूलों में टैबलेट खराब है या फिर चार्ज न होने की दिक्कत है वहां की सूचनाएं भेजी जा रही हैं। खराब टैबलेट वही वेंडर बदलेगा जिसे सप्लाई का ठेका मिला है।


वर्जन...
एक सप्ताह पहले ही कार्यभार संभाला है। शिक्षकों को टैबलेट दिए गए थे, इसकी जानकारी है। उनकी स्थिति क्या है, शिक्षक उपयोग कर रहे हैं या नहीं, सभी बीईओ से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक टैबलेट का प्रयोग करें, यह सुविधाजनक है। जो भी समस्याएं होंगी उन्हें दूर कराया जाएगा। -अमिता सिंह, बीएसए।

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद- फोटो : mathura

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद- फोटो : mathura

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद

फोटो-1-सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय में रखे टैबलेट पर जमी धूल। संवाद- फोटो : mathura

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed