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किसानों पर फिर ओलावृष्टि व बारिश से ‘वज्रपात’
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बारिश व ओलावृष्टि से गिरी पड़ी अरहर की फसल।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। गुरुवार रात अचानक फिर से मौसम ने पलटी खाई और शुक्रवार सुबह कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई। दोपहर में एकबारगी अंधेरा छा गया। औरास में बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई। अन्य क्षेत्रों में कहीं बड़े तो कहीं छोटे आकार के ओले गिरने से रबी सीजन की प्रमुख फसलों गेहूं, सरसों, आलू व अरहर आदि को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा आम के बौर को भी क्षति पहुंची है। इसको लेकर अन्नदाता परेशान हो गए हैं।
औरास क्षेत्र के हाजीपुर गोशा, जमालनागर, गेरुवा व बघवाकोला सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार भोर पहर अचानक आसमान से ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश ने लोगों के होश उड़ा दिए। बड़े-बड़े ओले गिरने से बर्बाद हो रही फ सल ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी। वहीं, मोहम्मदपुर चकसुनौरा निवासी महाबीर पुत्र चंदी लाल की एक भैंस व एक बैल बिजली की चपेट में आकर मर गए। इनकी कीमत लगभग 70 हजार बताई गई।
अचलगंज में शुक्रवार सुबह 11 बजे अचानक आसमान में घने बादल छाने से अंधेरा सा छा गया। कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगी और बारिश व ओले गिरने शुरू हो गए। इससे क्षेत्र के बदरका, बेहटी गोपालपुर, ताजपुर, छेरिहा व सुपासी आदि गांवों के किसानों की गेहूं व सरसों की फ सलों को नुकसान हुआ है। बार-बार हो रहे मौसम के बदलाव ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। जिन किसानों की सरसों की फसल कट चुकी है उसके खलिहान में भीग कर सड़ने की संभावना है। वहीं, जो खेतों में खड़ी है वह ओलावृष्टि से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। गेहूं की फ सल भी तेज हवाओं व ओले की मार से चौपट हो चुकी है। जिससे किसानों की पूरे साल की मेहनत व पूंजी बर्बाद हो गई।
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पुरवा में भी गेहूं, सरसों, आलू, चना, मटर व धनिया आदि फ सलों को नुकसान पहुंचा है। अगनुवाखेड़ा के किसान सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि आए दिन बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं की 60 फीसदी फसल नष्ट हो गई है। पासाखेड़ा के किसान विक्रम सिंह ने कहा कि 16 बीघा गेहूं की फ सल गिर जाने से उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। बाजीखेड़ा के किसान डॉ. गोर्वधन लाल पटेल ने कहा कि तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिर गई है। आम की बाग के बौर गिर गए हैं। चना व मटर की फ सलों पर भी असर पड़ रहा है। धिरजीखेड़ा के किसान अलोपी वर्मा ने कहा कि आए दिन बरसात होने से गेहूं की फ सल नष्ट हो रही है। साल भर खर्च कैसे चलेगा। रामापुर के वंशीलाल लोधी ने कहा कि गेहूं की फ सल गिर गई है। कटाई के समय दिक्कत आएगी। नीलू बाजपेयी के कहा कि बरसात से धनिया की फ सल भी खराब हो गई है। क्षेत्र के त्रिपुरारपुर, त्रिलोकपुर, अटवा, नवांव, गदोरवा, चमियानी, भूलेमऊ, भदनांग, बनिगांव, कसरौर, तुसरौर, अमरापुर समेत अन्य गांवों में फ सल नष्ट हो गई है।
राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी विवेक सिंह ने बताया कि जिन गांवों में फ सलें प्रभावित हो रही हैं, वहां के किसान टोल फ्री नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनके कार्यालय में आकर भी जानकारी दी जा सकती है। बारिश व व ओले से 4 से 5 हजार हेक्टेअर में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेजी गई है। मौरावां में भी दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। किसानों में विजय तिवारी, राजू साहू, नाथन शुक्ला, अवधेश यादव, रामविलास यादव व शोभनाथ वर्मा आदि ने कहा कि मौसम का यह बिगड़ता स्वरूप खेतों में खड़ी फ सलों को और भी नुकसान कर सकता है।
हसनगंज में बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसलों के अलावा आम को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से आम के पेड़ में आया काफी बौर गिर गया है। बाग मालिकों में तामिल, राम सिंह, संजय, जयवेंद्र व छोटू ने बताया कि बारिश व ओले दोनों ही आम के बौर के लिए घातक हैं।
सफीपुर में बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल तबाह कर दी है। बाग मालिकों के मुताबिक, आम के पेड़ पर बौर भी आधा रह गया है। इससे बागवानों को लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि मौसम वैज्ञानिकों ने अभी 14 से 16 मार्च तक बारिश होने की संभावना जताई है। दक्षिण पूर्व हवाओं की रफ्तार 4.3 किमी प्रति घंटा रही है। जनपद में 1.4 मिमी बारिश हुई है। इस सप्ताह आसमान में बादल छाए रहेंगे। स्थानीय स्तर पर हवा के सामान्य से तेज गति से चलने के आसार हैं।
फ तेहपुर चौरासी में बारिश के दौरान बिजली गिरने से शिव मंदिर के गुंबद में लगे टायल्स एवं अंदर रखे विद्युत उपकरण जल गए। गुरुवार रात बारिश के साथ बिजली गिरने से कुड़ीना गांव स्थित महादेव मंदिर के गुंबद में लगे टायल्स टूट गए। वहीं, मंदिर के अंदर लगे विद्युत उपकरण पंखे व लाइटें आदि जलकर गिर गए। पुजारी हरिकिशोर शुक्ला ने बताया कि वह हमेशा मंदिर प्रांगण में ही सोते थे। रात में आए भीषण तूफ ान के कारण वह दूसरी जगह सोए गए थे। जिससे वह बाल-बाल बच गए। जब सुबह वह पूजा करने गए तो मंदिर का हाल देख ग्रामीणों को अवगत कराया।
शुक्रवार को हुई बारिश से तौरा व मौरावां तक निर्माणाधीन रोड पर पड़ी मिट्टी से फिसलन बढ़ गई। जिससे कई वाहन सवार गिरकर चुटहिल भी हो गए। मार्ग पर कई जगह पानी भरने व कीचड़ होने की वजह से बाइक सवारों को निकलना मुश्किल हो गया। नगर के सुमेर, सुनील, अनुज, आशीष, अशोक, संगीता व सुनीता ने बताया कि बारिश की वजह से इस निर्माणाधीन मार्ग से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर दो पहिया वाहनों से यात्रा करना जोखिमभरा है।
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औरास क्षेत्र के हाजीपुर गोशा, जमालनागर, गेरुवा व बघवाकोला सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार भोर पहर अचानक आसमान से ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश ने लोगों के होश उड़ा दिए। बड़े-बड़े ओले गिरने से बर्बाद हो रही फ सल ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी। वहीं, मोहम्मदपुर चकसुनौरा निवासी महाबीर पुत्र चंदी लाल की एक भैंस व एक बैल बिजली की चपेट में आकर मर गए। इनकी कीमत लगभग 70 हजार बताई गई।
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अचलगंज में शुक्रवार सुबह 11 बजे अचानक आसमान में घने बादल छाने से अंधेरा सा छा गया। कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगी और बारिश व ओले गिरने शुरू हो गए। इससे क्षेत्र के बदरका, बेहटी गोपालपुर, ताजपुर, छेरिहा व सुपासी आदि गांवों के किसानों की गेहूं व सरसों की फ सलों को नुकसान हुआ है। बार-बार हो रहे मौसम के बदलाव ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। जिन किसानों की सरसों की फसल कट चुकी है उसके खलिहान में भीग कर सड़ने की संभावना है। वहीं, जो खेतों में खड़ी है वह ओलावृष्टि से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। गेहूं की फ सल भी तेज हवाओं व ओले की मार से चौपट हो चुकी है। जिससे किसानों की पूरे साल की मेहनत व पूंजी बर्बाद हो गई।
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पुरवा में भी गेहूं, सरसों, आलू, चना, मटर व धनिया आदि फ सलों को नुकसान पहुंचा है। अगनुवाखेड़ा के किसान सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि आए दिन बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं की 60 फीसदी फसल नष्ट हो गई है। पासाखेड़ा के किसान विक्रम सिंह ने कहा कि 16 बीघा गेहूं की फ सल गिर जाने से उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। बाजीखेड़ा के किसान डॉ. गोर्वधन लाल पटेल ने कहा कि तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिर गई है। आम की बाग के बौर गिर गए हैं। चना व मटर की फ सलों पर भी असर पड़ रहा है। धिरजीखेड़ा के किसान अलोपी वर्मा ने कहा कि आए दिन बरसात होने से गेहूं की फ सल नष्ट हो रही है। साल भर खर्च कैसे चलेगा। रामापुर के वंशीलाल लोधी ने कहा कि गेहूं की फ सल गिर गई है। कटाई के समय दिक्कत आएगी। नीलू बाजपेयी के कहा कि बरसात से धनिया की फ सल भी खराब हो गई है। क्षेत्र के त्रिपुरारपुर, त्रिलोकपुर, अटवा, नवांव, गदोरवा, चमियानी, भूलेमऊ, भदनांग, बनिगांव, कसरौर, तुसरौर, अमरापुर समेत अन्य गांवों में फ सल नष्ट हो गई है।
राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी विवेक सिंह ने बताया कि जिन गांवों में फ सलें प्रभावित हो रही हैं, वहां के किसान टोल फ्री नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनके कार्यालय में आकर भी जानकारी दी जा सकती है। बारिश व व ओले से 4 से 5 हजार हेक्टेअर में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेजी गई है। मौरावां में भी दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। किसानों में विजय तिवारी, राजू साहू, नाथन शुक्ला, अवधेश यादव, रामविलास यादव व शोभनाथ वर्मा आदि ने कहा कि मौसम का यह बिगड़ता स्वरूप खेतों में खड़ी फ सलों को और भी नुकसान कर सकता है।
हसनगंज में बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसलों के अलावा आम को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से आम के पेड़ में आया काफी बौर गिर गया है। बाग मालिकों में तामिल, राम सिंह, संजय, जयवेंद्र व छोटू ने बताया कि बारिश व ओले दोनों ही आम के बौर के लिए घातक हैं।
सफीपुर में बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल तबाह कर दी है। बाग मालिकों के मुताबिक, आम के पेड़ पर बौर भी आधा रह गया है। इससे बागवानों को लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि मौसम वैज्ञानिकों ने अभी 14 से 16 मार्च तक बारिश होने की संभावना जताई है। दक्षिण पूर्व हवाओं की रफ्तार 4.3 किमी प्रति घंटा रही है। जनपद में 1.4 मिमी बारिश हुई है। इस सप्ताह आसमान में बादल छाए रहेंगे। स्थानीय स्तर पर हवा के सामान्य से तेज गति से चलने के आसार हैं।
फ तेहपुर चौरासी में बारिश के दौरान बिजली गिरने से शिव मंदिर के गुंबद में लगे टायल्स एवं अंदर रखे विद्युत उपकरण जल गए। गुरुवार रात बारिश के साथ बिजली गिरने से कुड़ीना गांव स्थित महादेव मंदिर के गुंबद में लगे टायल्स टूट गए। वहीं, मंदिर के अंदर लगे विद्युत उपकरण पंखे व लाइटें आदि जलकर गिर गए। पुजारी हरिकिशोर शुक्ला ने बताया कि वह हमेशा मंदिर प्रांगण में ही सोते थे। रात में आए भीषण तूफ ान के कारण वह दूसरी जगह सोए गए थे। जिससे वह बाल-बाल बच गए। जब सुबह वह पूजा करने गए तो मंदिर का हाल देख ग्रामीणों को अवगत कराया।
शुक्रवार को हुई बारिश से तौरा व मौरावां तक निर्माणाधीन रोड पर पड़ी मिट्टी से फिसलन बढ़ गई। जिससे कई वाहन सवार गिरकर चुटहिल भी हो गए। मार्ग पर कई जगह पानी भरने व कीचड़ होने की वजह से बाइक सवारों को निकलना मुश्किल हो गया। नगर के सुमेर, सुनील, अनुज, आशीष, अशोक, संगीता व सुनीता ने बताया कि बारिश की वजह से इस निर्माणाधीन मार्ग से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर दो पहिया वाहनों से यात्रा करना जोखिमभरा है।