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तीन किमी. के दायरे में नौ सौ पैंड्रोल क्लिप गायब
ब्यूरो, अमर उजाला,उन्नाव
Updated Tue, 23 May 2017 12:53 AM IST
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एक साथ गायब कई पैंड्रोल क्लिप (सभी घेरे में)
- फोटो : Amar ujala
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हादसे में क्षतिग्रस्त स्लीपर और गायब पैंड्रोल क्लिप की बात सामने आई है। शुक्लागंज छमकनाली से मगरवारा आउटर तक करीब तीन किलोमीटर के दायरे में डाउन ट्रैक की 9 सौ पेंड्रोल क्लिप गायब हैं या फि र हटी हैं। साथ ही 17 सौ स्लीपर बेहद जर्जर।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक रेल पथ पर पैट्रोलिंग करने वाले गैंगमैन की टीम ने दो माह में छह बार जर्जर ट्रैक की रिपोर्ट रेल पथ निरीक्षक को दी है। इसके बावजूद विभाग के जिम्मेवार अधिकारी अनदेखी कर रहे है। जिस कारण लगातार रेल हादसे जनपद में हो रहे है। एक गैंगमैन ने बताया कि 12 जनवरी को छमकनाली डाउन रेल पथ पर मालगाड़ी डिरेल हुई थी, जिसके बाद से लगातार रूट पर पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई। डाउन रेल पथ के जर्जर स्लीपर और पटरियों को जकड़ने वाली पैंड्रोल क्लिप के बारे में रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जिसके बाद गंगाघाट छमकनाली पुलिया से लेकर मगरवारा आउटर तक इनका चिह्नांकन किया गया। जिसमें नौ सौ पैंड्रोल क्लिप या तो गायब मिलीं या फि र हटी मिलीं। 17 स्लीपर टूटे मिले। सूत्रों के मुताबिक दो माह में छह बार रिपोर्ट तैयार कर रेल पथ निरीक्षक विमल कुमार को दी गई। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सहजनी रेलवे क्रासिंग के पास ओएचई पोल संख्या- 62/29 से 62/30 डाउन व छमकनाली के पास है। जहां अति जर्जर स्लीपर लगे है और कई जगह एक साथ कई पैंड्रोल क्लिप गायब हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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कुछ जगह जरूर कमियां हैं- पक्ष निरीक्षक
रेल पथ निरीक्षक विमल कुमार ने बताया कि आंकड़े गलत है। यदि इतनी अधिक संख्या में पैंड्रोल क्लिप गायब होंगी और स्लीपर जर्जर होंगे तो ट्रेनों की आवाजाही मुश्किल हो जाए गी। कुछ जगह जरूर कमियां हैं लेकिन ऐसा भी नहीं है कि वह असुरक्षित हो। चिह्नांकन की कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई।