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वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बजट खपाने में माथापच्ची
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बीएसए कार्यालय में वित्तीय वर्ष में हुए बजट खर्च का ब्योरा दुरुस्त करते कर्मचारी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट खर्च करने को लेकर बैंकों से लेकर सरकारी विभागों में माथापच्ची होती रही। लोक निर्माण व सिंचाई विभाग ने वित्तीय वर्ष में मिले करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा किया। इसके अलावा जल निगम समेत अन्य विभागों में भी बजट को लेकर अधिकारी व कर्मचारी आंकड़े दुरुस्त करने में जुटे रहे।
बुधवार 31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2020-21 का अंतिम दिन था। आखिरी दिन विभिन्न योजनाओं में मिली राशि वापस करनी होती है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष में मिले 110 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण व मरम्मत में खर्च करने का दावा किया। सिंचाई विभाग ने नहर सफाई के लिए मिले पौने तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में इस बार बजट नहीं रहा। बुधवार को अंतिम दिन बैंक, विकास भवन, कलक्ट्रेट, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, जल निगम समेत अन्य कार्यालय देर शाम तक खुले रहे और काम निपटाया गया।
बिजली विभाग को मिले एक करोड़
31 मार्च बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की अंतिम तारीख थी। इस कारण विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के काउंटर खोले थे। एक करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। इसमें शहरी क्षेत्र का 40 लाख रुपये शामिल है।
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बुधवार 31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2020-21 का अंतिम दिन था। आखिरी दिन विभिन्न योजनाओं में मिली राशि वापस करनी होती है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष में मिले 110 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण व मरम्मत में खर्च करने का दावा किया। सिंचाई विभाग ने नहर सफाई के लिए मिले पौने तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में इस बार बजट नहीं रहा। बुधवार को अंतिम दिन बैंक, विकास भवन, कलक्ट्रेट, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, जल निगम समेत अन्य कार्यालय देर शाम तक खुले रहे और काम निपटाया गया।
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बिजली विभाग को मिले एक करोड़
31 मार्च बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की अंतिम तारीख थी। इस कारण विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के काउंटर खोले थे। एक करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। इसमें शहरी क्षेत्र का 40 लाख रुपये शामिल है।
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