{"_id":"656e1fcd54d0888d900833e4","slug":"six-hours-of-rain-and-gust-of-wind-increased-the-chill-unnao-news-c-221-1-sknp1054-6707-2023-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: छह घंटे की बारिश और हवा के झोंके ने बढ़ाई ठिठुरन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: छह घंटे की बारिश और हवा के झोंके ने बढ़ाई ठिठुरन
Tue, 05 Dec 2023 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-16, 17, 18
24 घंटे में अधिकतम तापमान पांच डिग्री, न्यूनतम एक डिग्री गिरा
शहर में जलभराव ने बढ़ाई मुश्किल, जगह-जगह हुआ जलभराव
आलू और सरसों की फसल के लिए नुकसान देय साबित हो रही बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिले में रविवार रात से सोमवार शाम तक रुक-रुक कर हुई छह घंटे बारिश से पारा लुढ़क गया। अधिकतम में पांच डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई। देर शाम चली हवा ने शीत लहर का अहसास करा दिया। बारिश से शहर में जलभराव से मुश्किल हुई वहीं गेहूं, आलू और सरसों की फसल के लिए नुकसान देय साबित हुई।
रविवार रात करीब दो से चार बजे तक जिले के सरोसी, बांगरमऊ सहित अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। इसके बाद मौसम साफ हुआ। लेकिन सोमवार सुबह करीब 11 बजे फिर काले बादल छा गए और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। जिले में शहर के अलावा सभी तहसील क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई।
अचानक ठंड बढ़ने से लोग ऊनी कपड़े पहने नजर आए। सदर बाजार में लोग ऊनी कपड़ों की खरीदारी भी करते नजर आए। बारिश से मुख्य मार्ग से लेकर कई गली-मोहल्लों में घंटो जलभराव होने से परेशानी हुई। बड़ा चौराहा पर लोग पानी से होकर निकलते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी पैदल आवागमन कर रहे लोगों को हुई।
विज्ञापन
खेतों में पानी भरने से गेंहू की सफल काे नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि जो किसान 15 दिन पहले गेहूं की बुआई कर चुके हैं उनमें कम खतरा है। वहीं सरसों और आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
जिला कृषि अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि अगर और बारिश होती है तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बताया कि आलू की फसल में लगातार कई दिनों तक पानी भरने से प्रभावित हो सकती है।
बाधित रही बिजली आपूर्ति
बारिश के दौरान फाल्टों की भरमार से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के शेखपुर, हिरन नगर, खजुरियाबाग आदि मोहल्लों में बिजली की गुल रही। वहीं जिले में पेड की टहनियां गिरने से कई जगह आपूर्ति बाधित रही। पुरवा, हसनगंज और बीघापुर तहसील क्षेत्र में फाल्टों के चलते बिजली की आवाजही जारी रही।
बारिश के साथ चली हवा, फसलें गिरीं
चकलवंशी। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से सरसों सहित अन्य फसलें गिर गईं हैं। इससे किसान परेशान हैं। सरोसी क्षेत्र के भदेवना, आंटघुसौली, पंडित खेड़ा, रुकनापुर, बिलारीगोझा, बुलंदपुर बिधनू, भागूखेडा आदि गांवों में गोभी और बंधा की खेती में पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के मुन्ना कश्यप, अशोक कुमार, लवकुश आदि किसानों ने बताया कि बंधा और गोभी की फसल पानी में डूबकर खराब हो रह है। किसान देवी प्रसाद ने बताया कि उनकी दो बीघा सरसों की फसल खराब हो गई है।
दलहनी की फसलों के लिए भी बारिश नुकसानदेय
औरास। रविवार रात और सोमवार सुबह हुई बारिश से दलहनी फसलों को भी खतरा बढ़ गया है। किसान वीरेंद्र यादव, अवधेश कुमार, जगदेव, सूर्यभान और नंदकिशोर ने बताया कि आलू की अगैती फसल में झुलसा रोग लगने का खतरा है। वहीं सरसों, सेम व अन्य फूल वाली फसलों में माहू कीट का खतरा हो गया है। कृषि रक्षा ईकाई प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए खतरा है। बचाव के लिए मैंकोजिम और कर्बिडाजिंम का दस दिन के अंतराल पर पौधों की पत्तियों से ओस व पानी सूख जाने पर छिड़काव करें।
मौसम वैज्ञानिक बोले
धौरा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. जय कुमार यादव ने बताया की बेमौसम बारिश की वजह से खेत में खड़ी सरसों जिसमें फूल आ रहें हैं को नुकसान हो सकता है। लेकिन देर से बोई गईं फसलों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा रबी की फसल जिन किसानों ने सात दिन में बोई है, उनकी पैदावार पर असर पड़ेगा।
विज्ञापन
24 घंटे में अधिकतम तापमान पांच डिग्री, न्यूनतम एक डिग्री गिरा
शहर में जलभराव ने बढ़ाई मुश्किल, जगह-जगह हुआ जलभराव
आलू और सरसों की फसल के लिए नुकसान देय साबित हो रही बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिले में रविवार रात से सोमवार शाम तक रुक-रुक कर हुई छह घंटे बारिश से पारा लुढ़क गया। अधिकतम में पांच डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई। देर शाम चली हवा ने शीत लहर का अहसास करा दिया। बारिश से शहर में जलभराव से मुश्किल हुई वहीं गेहूं, आलू और सरसों की फसल के लिए नुकसान देय साबित हुई।
रविवार रात करीब दो से चार बजे तक जिले के सरोसी, बांगरमऊ सहित अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। इसके बाद मौसम साफ हुआ। लेकिन सोमवार सुबह करीब 11 बजे फिर काले बादल छा गए और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। जिले में शहर के अलावा सभी तहसील क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई।
विज्ञापन
अचानक ठंड बढ़ने से लोग ऊनी कपड़े पहने नजर आए। सदर बाजार में लोग ऊनी कपड़ों की खरीदारी भी करते नजर आए। बारिश से मुख्य मार्ग से लेकर कई गली-मोहल्लों में घंटो जलभराव होने से परेशानी हुई। बड़ा चौराहा पर लोग पानी से होकर निकलते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी पैदल आवागमन कर रहे लोगों को हुई।
विज्ञापन
खेतों में पानी भरने से गेंहू की सफल काे नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि जो किसान 15 दिन पहले गेहूं की बुआई कर चुके हैं उनमें कम खतरा है। वहीं सरसों और आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
जिला कृषि अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि अगर और बारिश होती है तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बताया कि आलू की फसल में लगातार कई दिनों तक पानी भरने से प्रभावित हो सकती है।
बाधित रही बिजली आपूर्ति
बारिश के दौरान फाल्टों की भरमार से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के शेखपुर, हिरन नगर, खजुरियाबाग आदि मोहल्लों में बिजली की गुल रही। वहीं जिले में पेड की टहनियां गिरने से कई जगह आपूर्ति बाधित रही। पुरवा, हसनगंज और बीघापुर तहसील क्षेत्र में फाल्टों के चलते बिजली की आवाजही जारी रही।
बारिश के साथ चली हवा, फसलें गिरीं
चकलवंशी। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से सरसों सहित अन्य फसलें गिर गईं हैं। इससे किसान परेशान हैं। सरोसी क्षेत्र के भदेवना, आंटघुसौली, पंडित खेड़ा, रुकनापुर, बिलारीगोझा, बुलंदपुर बिधनू, भागूखेडा आदि गांवों में गोभी और बंधा की खेती में पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के मुन्ना कश्यप, अशोक कुमार, लवकुश आदि किसानों ने बताया कि बंधा और गोभी की फसल पानी में डूबकर खराब हो रह है। किसान देवी प्रसाद ने बताया कि उनकी दो बीघा सरसों की फसल खराब हो गई है।
दलहनी की फसलों के लिए भी बारिश नुकसानदेय
औरास। रविवार रात और सोमवार सुबह हुई बारिश से दलहनी फसलों को भी खतरा बढ़ गया है। किसान वीरेंद्र यादव, अवधेश कुमार, जगदेव, सूर्यभान और नंदकिशोर ने बताया कि आलू की अगैती फसल में झुलसा रोग लगने का खतरा है। वहीं सरसों, सेम व अन्य फूल वाली फसलों में माहू कीट का खतरा हो गया है। कृषि रक्षा ईकाई प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए खतरा है। बचाव के लिए मैंकोजिम और कर्बिडाजिंम का दस दिन के अंतराल पर पौधों की पत्तियों से ओस व पानी सूख जाने पर छिड़काव करें।
मौसम वैज्ञानिक बोले
धौरा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. जय कुमार यादव ने बताया की बेमौसम बारिश की वजह से खेत में खड़ी सरसों जिसमें फूल आ रहें हैं को नुकसान हो सकता है। लेकिन देर से बोई गईं फसलों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा रबी की फसल जिन किसानों ने सात दिन में बोई है, उनकी पैदावार पर असर पड़ेगा।