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74 कार्यकत्रियों का चयन निरस्त, प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 10 Feb 2016 01:18 AM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मिनी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाआें का चयन निरस्त किए जाने से नाराज सिकंदरपुर कर्ण की कार्यकत्रियों व सहायिकाओं ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया। सीडीओ के न मिलने पर सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। बाद में सभी डीएम आवास पर पहुंची और उन्हें ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग की।
सिकंदरपुर कर्ण की आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री, सहायिकाएं में सोनी देवी, उमा सोनी, रामजानकी, वेदवती, पूनम, अनीता देवी, विजय लक्ष्मी, बेबी, लक्ष्मी देवी, किरन सहित दो दर्जन से अधिक कार्यकत्रियां मंगलवार को डीएम कार्यालय पहुंची।
डीएम के न मिलने पर वह सीडीओ से मिलने विकास भवन पहुंची। जब सीडीओ नहीं मिली तो वह पुष्टाहार कार्यालय पहुंची। गेट पर ही कार्यकत्रियां व सहायिकाएं धरने पर बैठ गईं।
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कार्यकत्रियों का आरोप था कि विभागीय अधिकारी द्वारा उन्हें दो माह पूर्व बाल विकास परियोजना कार्यालय में बुलाकर उनसे चयन के नाम पर 10—10 हजार रुपयों की मांग की गई थी।
कार्यकत्रियों ने कहा था कि जमानत राशि बताकर पहले ही उनसे 10—10 हजार रुपये वसूले गए थे। अब किस बात का पैसा दिया जाए। इस पर अधिकारी ने उगाही न देने पर चयन निरस्त करने की धमकी दी।
आरोप लगाया कि उगाही न होने पर अधिकारी द्वारा प्रशासन को गुमराह करने के लिए गलत तथ्य दर्शाकर अपनी रिपोर्ट दी है। जब विकास भवन में कोई अधिकारी नहीं मिला तो सभी पुन: डीएम आवास पर पहुंची। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर चयन कराए जाने की मांग की है।
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सिकंदरपुर कर्ण की आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री, सहायिकाएं में सोनी देवी, उमा सोनी, रामजानकी, वेदवती, पूनम, अनीता देवी, विजय लक्ष्मी, बेबी, लक्ष्मी देवी, किरन सहित दो दर्जन से अधिक कार्यकत्रियां मंगलवार को डीएम कार्यालय पहुंची।
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डीएम के न मिलने पर वह सीडीओ से मिलने विकास भवन पहुंची। जब सीडीओ नहीं मिली तो वह पुष्टाहार कार्यालय पहुंची। गेट पर ही कार्यकत्रियां व सहायिकाएं धरने पर बैठ गईं।
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कार्यकत्रियों का आरोप था कि विभागीय अधिकारी द्वारा उन्हें दो माह पूर्व बाल विकास परियोजना कार्यालय में बुलाकर उनसे चयन के नाम पर 10—10 हजार रुपयों की मांग की गई थी।
कार्यकत्रियों ने कहा था कि जमानत राशि बताकर पहले ही उनसे 10—10 हजार रुपये वसूले गए थे। अब किस बात का पैसा दिया जाए। इस पर अधिकारी ने उगाही न देने पर चयन निरस्त करने की धमकी दी।
आरोप लगाया कि उगाही न होने पर अधिकारी द्वारा प्रशासन को गुमराह करने के लिए गलत तथ्य दर्शाकर अपनी रिपोर्ट दी है। जब विकास भवन में कोई अधिकारी नहीं मिला तो सभी पुन: डीएम आवास पर पहुंची। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर चयन कराए जाने की मांग की है।