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मुर्दे पर दर्ज कर दी हरिजन एक्ट व मारपीट की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 06 Feb 2015 11:52 PM IST
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उन्नाव। अजगैन पुलिस ने नया कारनामा किया है। हरिजन एक्ट और मारपीट की रिपोर्ट मुर्दे के नाम दर्ज कर दी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास भी शुरू कर दिए, लेकिन जब जानकारी हुई तो उसके भी हाथ पांव फूल गए। मीडिया के सामने मामला आने पर थानाध्यक्ष ने गलती स्वीकार करते हुए विवेचना में त्रुटि सुधारने की बात कही है।
अजगैन के डहरौली निवासी अमृता देवी पत्नी अमित लाल का आरोप है कि गांव के अतुलेश, आदर्श, विनोद, मनोज व शालिग्राम सालों से जमीन पर कब्जा किए हैं। इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। अमृता देवी की शिकायत पर बीते दिनों तहसील की टीम जमीन की पैमाइश करने पहुंची तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता कर दी और भगा दिया।
अमृता देवी का आरोप है कि बीती 30 जनवरी को जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर उक्त आरोपियों ने उसके व उसके पति के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। अमृता देवी ने अजगैन थाने में उक्त लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने तीस जनवरी को ही अतुलेश, आदर्श, विनोद व मनोज के साथ ही देवीदयाल के खिलाफ मारपीट व हरिजन एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। जो आरोपी बनाए गए उनमें देवी दयाल, शालिग्राम का पिता है।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते वक्त शालिग्राम के स्थान पर उसके पिता को आरोपियों के साथ सूचीबद्ध कर दिया। जिनकी मौत कई वर्ष पहले हो चुकी है।
पुलिस की यह चूक यहीं तक सीमित नहीं रही उसने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन जब उसे इस बड़ी चूक की जानकारी हुई तो पुलिस विवेचना पर गलती सुधारने की बात कह रही है।
थानाध्यक्ष राजकरन शर्मा ने बताया कि आरोपी कई सालों से जमीन पर कब्जा किए थे और हरिजन महिला के साथ मारपीट भी की। जिसकी रिपोर्ट 30 जनवरी को लिखी गई थी।
प्रार्थना पत्र में अन्य आरोपियों के साथ शालिग्राम पुत्र देवी दयाल चौरसिया का भी नाम है। लेकिन रिपोर्ट लिखते वक्त आरोपियों के खाने में शालिग्राम के स्थान पर देवी दयाल दर्ज हो गया। विवेचना में इसे सुधारा जाएगा।
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अजगैन के डहरौली निवासी अमृता देवी पत्नी अमित लाल का आरोप है कि गांव के अतुलेश, आदर्श, विनोद, मनोज व शालिग्राम सालों से जमीन पर कब्जा किए हैं। इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। अमृता देवी की शिकायत पर बीते दिनों तहसील की टीम जमीन की पैमाइश करने पहुंची तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता कर दी और भगा दिया।
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अमृता देवी का आरोप है कि बीती 30 जनवरी को जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर उक्त आरोपियों ने उसके व उसके पति के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। अमृता देवी ने अजगैन थाने में उक्त लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने तीस जनवरी को ही अतुलेश, आदर्श, विनोद व मनोज के साथ ही देवीदयाल के खिलाफ मारपीट व हरिजन एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। जो आरोपी बनाए गए उनमें देवी दयाल, शालिग्राम का पिता है।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते वक्त शालिग्राम के स्थान पर उसके पिता को आरोपियों के साथ सूचीबद्ध कर दिया। जिनकी मौत कई वर्ष पहले हो चुकी है।
पुलिस की यह चूक यहीं तक सीमित नहीं रही उसने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन जब उसे इस बड़ी चूक की जानकारी हुई तो पुलिस विवेचना पर गलती सुधारने की बात कह रही है।
थानाध्यक्ष राजकरन शर्मा ने बताया कि आरोपी कई सालों से जमीन पर कब्जा किए थे और हरिजन महिला के साथ मारपीट भी की। जिसकी रिपोर्ट 30 जनवरी को लिखी गई थी।
प्रार्थना पत्र में अन्य आरोपियों के साथ शालिग्राम पुत्र देवी दयाल चौरसिया का भी नाम है। लेकिन रिपोर्ट लिखते वक्त आरोपियों के खाने में शालिग्राम के स्थान पर देवी दयाल दर्ज हो गया। विवेचना में इसे सुधारा जाएगा।