उन्नाव। जिले में नौ माह से बंद पड़ा जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना का कार्य भुगतान के आश्वासन पर फिर से शुरू हो गया है। हालांकि, 18 लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की जद्दोजहद जारी रहेगी। कार्यदायी संस्था मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने केंद्र सरकार से 325 करोड़ रुपये के भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद काम शुरू किया है। दिसंबर 2027 तक परियोजना का शेष 50 फीसदी काम पूरा होने पर संशय बना हुआ है।
भारत सरकार की इस योजना का लक्ष्य 26 जनवरी 2026 तक 1037 ग्राम पंचायतों की करीब 18 लाख आबादी को नल से जल उपलब्ध कराना था। जलनिगम के सूत्रों के अनुसार, यह काम 2023 में शुरू हुआ था। फर्म ने 50 फीसदी काम पूरा करने के बाद 321 करोड़ रुपये के बिल जल निगम के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड किए थे। केंद्र सरकार की ओर से भुगतान न किए जाने पर संस्था ने अक्तूबर 2025 से काम पूरी तरह ठप कर दिया था। नौ माह तक परियोजना का कार्य बंद रहा। सरकार ने अब परियोजना पूरा करने की नई समयसीमा दिसंबर 2027 तय की है। संस्था के पास शेष 50 प्रतिशत कार्य पूरा करने के लिए लगभग 16 माह का समय है। पिछले दो साल में केवल 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है, ऐसे में तय समय में शेष काम पूरा होने पर संदेह है। लोगों को अभी भी हैंडपंप या दूर से पानी लाने की परेशानी झेलनी पड़ेगी। ॉ