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लाल भिंडी की खेती ने दिलाया तिगुना मुनाफा
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उन्नाव के बीघापुर तहसील के टेढ़ा गांव निवासी किसान इंद्राज ओकरा रेड प्रजाति की भिंडी की फसल दिखा?
- फोटो : UNNAO
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बारासगवर (उन्नाव)। कृषि विविधीकरण की विधि अपनाकर बीघापुर तहसील के टेढ़ा गांव निवासी इंद्राज ने लाल भिंडी की खेती कर तिगुना मुनाफा कमाया। अपने दो बीघा खेत में हर साल लाखों की आमदनी करने वाले इस किसान ने अबतक कई उपलब्धियां और पुरस्कार हासिल की हैं। इसबार उन्होंने लाल भिंडी (ओकरा रेड) की एक बिस्वा खेती की है। सामान्य भिंडी की अपेक्षा तीन गुना अधिक उत्पादन और बाजार में तिगुनी कीमत मिलने से चार महीने में 12 हजार रुपये कमाए।
ढेढ़ा गांव निवासी इंद्राज का शुरुआत से ही खेती के प्रति लगाव रहा। स्नातक की पढ़ाई और आईटीआई करने के बाद उन्होंने नौकरी करने की नहीं सोची। अपने सवा दो बीघा खेत को अपनी आमदनी का जरिया बना लिया। कृषि विविधीकरण से नगदी वाली खेती के सहारे वह हर साल डेढ़ से दो लाख रुपये की बचत करते हैं। इस बार इंद्राज ने भिंडी की नई प्रजाति ओकरा रेड की एक बिस्वा खेती की है। लाल रंग की इस भिंडी का कुल ढाई क्विंटल उत्पादन हुआ। सामान्य भिंडी की अपेक्षा बाजार में तीन गुनी कीमत में बिकने वाली इसी भिंडी को वह मुनाफे का सौदा बताते हैं। बताया कि एक दिन यूट्यूब देखते समय ओकरा रेड नाम की लाल रंग की भिंडी की जानकारी हुई।
ऑनलाइन बीज खरीदा और प्रयोग के तौर पर एक बिस्वा खेती की। बताया कि भिंडी की इस प्रजाति की विशेषता यह है कि इसकी सालभर यानी बरसात और गर्मी दोनों सीजन में बुआई की जा सकती है। भिंडी में बहुतायत से लगने वाले रोग मोजेक से भी मुक्त है। सामान्य भिंडी का पौधा 120 दिन में फलत देता है जबकि लाल भिंडी 90 दिन में ही फलत देने लगता है। सामान्य पौधा 3 महीने फलत देता है जबकि ओकरा रेड का पौधा 5 से 6 महीने फलत देता है। सामान्य भिंडी 15 से 20 रुपये किलो में बिकती है जबकि लाल भिंडी 40 से 50 रुपये प्रति किलो में बिकती है।
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सवा बीघे में 12 तरह की सब्जी की खेती
इंद्राज अपने सवा बीघा खेत में हाईब्रीड कद्दू, शलजम, चुकंदर, शिमला मिर्च, सौंफ, गांठ गोभी, प्याज, हरी गोभी (ब्रोकली), पत्ता गोभी, मटर, धनिया, हाईब्रीड टमाटर, आलू सहित एक दर्जन से अधिक प्रकार की सब्जी की खेती करते हैं।
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ढेढ़ा गांव निवासी इंद्राज का शुरुआत से ही खेती के प्रति लगाव रहा। स्नातक की पढ़ाई और आईटीआई करने के बाद उन्होंने नौकरी करने की नहीं सोची। अपने सवा दो बीघा खेत को अपनी आमदनी का जरिया बना लिया। कृषि विविधीकरण से नगदी वाली खेती के सहारे वह हर साल डेढ़ से दो लाख रुपये की बचत करते हैं। इस बार इंद्राज ने भिंडी की नई प्रजाति ओकरा रेड की एक बिस्वा खेती की है। लाल रंग की इस भिंडी का कुल ढाई क्विंटल उत्पादन हुआ। सामान्य भिंडी की अपेक्षा बाजार में तीन गुनी कीमत में बिकने वाली इसी भिंडी को वह मुनाफे का सौदा बताते हैं। बताया कि एक दिन यूट्यूब देखते समय ओकरा रेड नाम की लाल रंग की भिंडी की जानकारी हुई।
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ऑनलाइन बीज खरीदा और प्रयोग के तौर पर एक बिस्वा खेती की। बताया कि भिंडी की इस प्रजाति की विशेषता यह है कि इसकी सालभर यानी बरसात और गर्मी दोनों सीजन में बुआई की जा सकती है। भिंडी में बहुतायत से लगने वाले रोग मोजेक से भी मुक्त है। सामान्य भिंडी का पौधा 120 दिन में फलत देता है जबकि लाल भिंडी 90 दिन में ही फलत देने लगता है। सामान्य पौधा 3 महीने फलत देता है जबकि ओकरा रेड का पौधा 5 से 6 महीने फलत देता है। सामान्य भिंडी 15 से 20 रुपये किलो में बिकती है जबकि लाल भिंडी 40 से 50 रुपये प्रति किलो में बिकती है।
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सवा बीघे में 12 तरह की सब्जी की खेती
इंद्राज अपने सवा बीघा खेत में हाईब्रीड कद्दू, शलजम, चुकंदर, शिमला मिर्च, सौंफ, गांठ गोभी, प्याज, हरी गोभी (ब्रोकली), पत्ता गोभी, मटर, धनिया, हाईब्रीड टमाटर, आलू सहित एक दर्जन से अधिक प्रकार की सब्जी की खेती करते हैं।