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Unnao News: एक्सप्रेसवे पर 46 दिन से मरम्मत जारी, एक जगह ठीक होते ही दूसरी जगह धंसी
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फोटो-29- कानपुर-लखनऊ लेन के किमी संख्या 63.6 पर सड़क की होती मरम्मत। संवाद
अचलगंज/असोहा। तेज बारिश होने से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की साइड पटरी की मिट्टी बहने और दबने का सिलसिला जारी है। हालत यह है कि एक जगह मरम्मत होती है और अगले दिन दूसरी जगह मिट्टी धंस जाती है। शुक्रवार को बेहटा गांव के पास करीब पचास मीटर सड़क की ऊपरी परत को हटाकर नई परत बिछाई गई। वहीं चार स्थानों पर सड़क किनारे की मिट्टी धंस गई। एनएचएआई के जल्द मरम्मत पूरी करने के निर्देश पर पीएनसी ने त्योहार के दिन भी मरम्मत कार्य जारी रखा।
यातायात शुरू होने के बाद से ही कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क में लगातार 46 दिनों से अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत का काम चल रहा है। शुक्रवार को कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 63,6 पर बेहटा गांव के पास करीब पचास मीटर सड़क दबने से पीएनसी ने पुरानी परत को उखड़ा कर नई परत बिछाई। यहां एक सप्ताह भी सड़क की मरम्मत हुई थी। लेकिन कुछ जगह उखड़ने और दबने से दोबारा बनाया गया। वहीं लखनऊ से कानपुर लेन 64,9 के पास सड़क किनारे की मिट्टी धंसने से दस फीट गहरा गड्ढा हो गया। यहां भी आनन-फानन गिट्टी भरकर गड्ढे को बंद करने का काम शुरू किया गया। इसी लेन पर किमी संख्या 49.3 पर जगेथा गांव के पास
सड़क की पटरी दबने से क्षतिग्रस्त हुई। किमी संख्या 53.3 बाबा खेड़ा के पास भी सड़क साइड की मिट्टी दब गई। इसके अलावा निर्माण एजेंसी पीएनसी ने जर्क (उछाल) वाले स्थानों और ड्रेनेज में समस्या वाले स्थानों पर नालियों की मरम्मत का काम भी जारी रखा।--
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वर्जन
एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड हिस्से में अचलगंज के आसपास की मिट्टी रेतीली होने से रेन कट और मिट्टी दबने की समस्या ज्यादा हुई है। हालांकि काफी काम कराया जा चुका है। जहां पर कुछ भी समस्या आ रही है उसे ठीक कराया जा रहा है। बारिश के बाद ग्रीन फील्ड एरिया में सड़क में ओवर ले (डामर-गिट्टी की ऊपरी परत) का काम कराया जाएगा। इससे व्हील ट्रैक की भी समस्या खत्म हो जाएगी। -नवरतन, पीडी एनएचएआई
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यातायात शुरू होने के बाद से ही कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क में लगातार 46 दिनों से अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत का काम चल रहा है। शुक्रवार को कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 63,6 पर बेहटा गांव के पास करीब पचास मीटर सड़क दबने से पीएनसी ने पुरानी परत को उखड़ा कर नई परत बिछाई। यहां एक सप्ताह भी सड़क की मरम्मत हुई थी। लेकिन कुछ जगह उखड़ने और दबने से दोबारा बनाया गया। वहीं लखनऊ से कानपुर लेन 64,9 के पास सड़क किनारे की मिट्टी धंसने से दस फीट गहरा गड्ढा हो गया। यहां भी आनन-फानन गिट्टी भरकर गड्ढे को बंद करने का काम शुरू किया गया। इसी लेन पर किमी संख्या 49.3 पर जगेथा गांव के पास
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सड़क की पटरी दबने से क्षतिग्रस्त हुई। किमी संख्या 53.3 बाबा खेड़ा के पास भी सड़क साइड की मिट्टी दब गई। इसके अलावा निर्माण एजेंसी पीएनसी ने जर्क (उछाल) वाले स्थानों और ड्रेनेज में समस्या वाले स्थानों पर नालियों की मरम्मत का काम भी जारी रखा।
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एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड हिस्से में अचलगंज के आसपास की मिट्टी रेतीली होने से रेन कट और मिट्टी दबने की समस्या ज्यादा हुई है। हालांकि काफी काम कराया जा चुका है। जहां पर कुछ भी समस्या आ रही है उसे ठीक कराया जा रहा है। बारिश के बाद ग्रीन फील्ड एरिया में सड़क में ओवर ले (डामर-गिट्टी की ऊपरी परत) का काम कराया जाएगा। इससे व्हील ट्रैक की भी समस्या खत्म हो जाएगी। -नवरतन, पीडी एनएचएआई

फोटो-29- कानपुर-लखनऊ लेन के किमी संख्या 63.6 पर सड़क की होती मरम्मत। संवाद

फोटो-29- कानपुर-लखनऊ लेन के किमी संख्या 63.6 पर सड़क की होती मरम्मत। संवाद