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रक्षाबंधन कल, बाजारों में खरीदारों की भीड़
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बड़ा पर लगी दुकान में राखी पसंद करती महिलाएं व युवतियां। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। भाई-बहन के अटूट रिश्ते और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन आज मनाएं या शुक्रवार को, इसको लेकर बहनों के मन में दुविधा है। आचार्यों के अनुसार गुरुवार को भद्रा लगने के कारण 12 अगस्त को ही भाई की कलाई पर राखी सजेगी।
आचार्य रामजी द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व पूर्णिमा में ही मनाया जाता है। 12 अगस्त शुक्रवार को पूर्णिमा सुबह सात बजे तक रहेगी। उदया तिथि होने से पूरे दिन शुभ मुहूर्त होगा। बुधवार को बहनों ने राखियां खरीदीं और भाइयों ने उनके लिए उपहार खरीदे। वहीं घर जाने के लिए बसों में जगह पाने की आपाधापी रही।
ये राखियां भा रहीं
राखी का बाजार सज गया है। इस बार देसी राखियों की धूम है। मथुरा की खास चंदन की खुशबू वाली राखी और रुद्राक्ष राखी का अलग रंग है। मथुरा में ये राखी खास पसंद की जाती हैं। इसकी कीमत 150 रुपये तक है। बाजार में छोटे बच्चों के लिए डिजाइनर राखी आईं हैं। दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ और कानपुर के बाजार से राखियां आईं हैं। भइया-भाभी की राखी का भी अपना अलग आकर्षण है।
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आचार्य रामजी द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व पूर्णिमा में ही मनाया जाता है। 12 अगस्त शुक्रवार को पूर्णिमा सुबह सात बजे तक रहेगी। उदया तिथि होने से पूरे दिन शुभ मुहूर्त होगा। बुधवार को बहनों ने राखियां खरीदीं और भाइयों ने उनके लिए उपहार खरीदे। वहीं घर जाने के लिए बसों में जगह पाने की आपाधापी रही।
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ये राखियां भा रहीं
राखी का बाजार सज गया है। इस बार देसी राखियों की धूम है। मथुरा की खास चंदन की खुशबू वाली राखी और रुद्राक्ष राखी का अलग रंग है। मथुरा में ये राखी खास पसंद की जाती हैं। इसकी कीमत 150 रुपये तक है। बाजार में छोटे बच्चों के लिए डिजाइनर राखी आईं हैं। दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ और कानपुर के बाजार से राखियां आईं हैं। भइया-भाभी की राखी का भी अपना अलग आकर्षण है।

बड़ा पर लगी दुकान में राखी पसंद करती महिलाएं व युवतियां। संवाद- फोटो : UNNAO
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