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Unnao News: क्षेत्र में बिना मानक हो रहा निजी अस्पतालों का संचालन
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परियर। क्षेत्र में बिना मानक के कई निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इस समय संक्रामक रोगों का प्रकोप चल रहा है।
आसपास सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के न होने का निजी अस्पताल संचालक फायदा उठा रहे हैं। क्षेत्र के दर्जनों निजी अस्पतालों में न तो फायर एनओसी है और न ही मानक पूरे हैं। इसके बाद भी बिना रोक-टोक संचालन हो रहा है।
इस समय संक्रामक बीमारियों का प्रकोप चल रहा है। गंभीर रोग का बताकर मनमाने तरीके से इलाज कर रहे हैं। मरीज को सामान्य बुखार होने पर भी डेंगू बताकर इलाज के नाम पर मनमानी कमाई कर रहे हैं।
परियर निवासी बुद्धि ने बताया कि वह एक अस्पताल में पत्नी को बुखार की दवा दिलाने गए थे। वहां उन्हें गंभीर हालत बताकर भर्ती कर लिया गया। इसके बाद इलाज और दवा के नाम पर 10 हजार रुपये ले लिए गए। मरौंदा गांव के पप्पू ने बताया कि एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने पहुंचा। यहां डॉक्टर ने बिना जांच किए ही टायफाइड बता दिया और भर्ती कर लिया। तीसरे दिन जबरन अस्पताल से छुट्टी कराई।
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कुछ माह पहले परियर के एक हॉस्पिटल में अतहा गांव की श्रीमती का बच्चेदानी में गांठ बताकर ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया। उसने कई जगह शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि नियम विरुद्ध संचालित सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा। मानक के विपरीत संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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आसपास सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के न होने का निजी अस्पताल संचालक फायदा उठा रहे हैं। क्षेत्र के दर्जनों निजी अस्पतालों में न तो फायर एनओसी है और न ही मानक पूरे हैं। इसके बाद भी बिना रोक-टोक संचालन हो रहा है।
इस समय संक्रामक बीमारियों का प्रकोप चल रहा है। गंभीर रोग का बताकर मनमाने तरीके से इलाज कर रहे हैं। मरीज को सामान्य बुखार होने पर भी डेंगू बताकर इलाज के नाम पर मनमानी कमाई कर रहे हैं।
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परियर निवासी बुद्धि ने बताया कि वह एक अस्पताल में पत्नी को बुखार की दवा दिलाने गए थे। वहां उन्हें गंभीर हालत बताकर भर्ती कर लिया गया। इसके बाद इलाज और दवा के नाम पर 10 हजार रुपये ले लिए गए। मरौंदा गांव के पप्पू ने बताया कि एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने पहुंचा। यहां डॉक्टर ने बिना जांच किए ही टायफाइड बता दिया और भर्ती कर लिया। तीसरे दिन जबरन अस्पताल से छुट्टी कराई।
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कुछ माह पहले परियर के एक हॉस्पिटल में अतहा गांव की श्रीमती का बच्चेदानी में गांठ बताकर ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया। उसने कई जगह शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि नियम विरुद्ध संचालित सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा। मानक के विपरीत संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।